न्यूयॉर्क: ग्रीस में एक झील के किनारे मिलीं दो चीजें अब तक मिले
सबसे पुराने लकड़ी के औजार हैं। यह 430,000 साल पुराने बताए जा रहे हैं।
इनमें से एक लगभग 2 1/2 फीट (80 सेंटीमीटर) लंबी पतली छड़ी है। इसका
इस्तेमाल शायद कीचड़ में खोदने के लिए किया जाता रहा होगा। अमेरिका की
नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की आधिकारिक वैज्ञानिक पत्रिका प्रोसीडिंग्स में
सोमवार को प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार, दूसरी चीज विलो या पॉपुलर की लकड़ी
का एक छोटा, ज्यादा रहस्यमयी हाथ में पकड़ने वाला टुकड़ा है। इसका
इस्तेमाल शायद पत्थर के औजारों को आकार देने के लिए किया जाता रहा होगा।
वैज्ञानिकों
का मानना है कि पुराने समय में इंसान पत्थर, हड्डी और लकड़ी से बने कई
तरह के औजारों का इस्तेमाल करते थे। लेकिन आज लकड़ी के औजारों के सबूत
मिलना बहुत मुश्किल है क्योंकि लकड़ी बहुत जल्दी सड़ जाती है। ऐसे औजार
सिर्फ खास वातावरण में ही सुरक्षित रहते हैं, जैसे बर्फ, गुफाओं या पानी के
अंदर। ग्रीस के मेगालोपोलिस बेसिन में मिले ये नए औजार शायद तलछट से जल्दी
दब गए और समय के साथ गीले माहौल में सुरक्षित रहे। इस जगह पर पहले भी
अवशेष मिले हैं, जिनमें पत्थर के औजार और हाथी की हड्डियां शामिल हैं।
इंग्लैंड
की रीडिंग यूनिवर्सिटी की पेलियोलिथिक आर्कियोलॉजिस्ट एनेमीके मिल्क्स
कहती हैं कि हमारी टीम अविश्वसनीय रूप से खुशकिस्मत रही कि उसे ऐसी चीजें
मिलीं। वह कहती हैं कि लकड़ी आमतौर पर जल्दी सड़ जाती है, लेकिन यह ग्रीस
के पेलोपोनीज प्रायद्वीप में एक पुरानी जगह पर सुरक्षित थी। ऐसा इसलिए हुआ
क्योंकि जब ये चीजें बनाई गई थीं, तब वहां की जमीन में बहुत ज्यादा पानी
भरा हुआ था और वह बहुत गहराई में लगभग 30 मीटर नीचे दबी हुई थीं। मिल्क्स
और उनके साथियों के इस शोध पत्र में यह कहा गया है।
प्रकाशित शोध
पत्र के अनुसार, यह औजार प्रायद्वीप के केंद्र के पास मराथौसा में एक
लिग्नाइट (भूरे कोयले) की खदान से मिले हैं। जब ये औजार बनाए गए थे, तब यह
जगह एक पुरानी झील का किनारा थी, लेकिन बाद में यह सूख गई। यह खोज हाल के
वर्षों में हुई कई खोजों में से महत्वपूर्ण है। इसने वैज्ञानिकों को
सैकड़ों-हजारों वर्षों से हमारे पूर्वजों के लकड़ी के औजारों के इस्तेमाल
के बारे में नई समझ दी है। मिल्क्स और उनके साथियों का कहना है कि छड़ी चार
टुकड़ों में मिली है। उसे टहनियों को हटाने और हैंडल बनाने के लिए तराशा
गया था। यह औजार 81 सेंटीमीटर (या लगभग ढाई फीट) लंबा है। इस्तेमाल के
निशान के विश्लेषण से पता चलता है कि इसका इस्तेमाल खोदने के लिए किया जाता
रहा होगा।
शोधकर्ताओं का मानना है कि दूसरा लकड़ी का औजार ज्यादा
रहस्यमय है। यह आठ सेंटीमीटर से कम लंबा है। वह कहती हैं कि 2019 में
वैज्ञानिकों को जाम्बिया के कलाम्बो फॉल्स में तराशे हुए लट्ठ मिले थे। यह
लगभग 480,000 साल पुराने थे। वहां मिली एक खोदने वाली छड़ी 390,000 से
324,000 साल पुरानी बताई गई। इटली से मिले शुरुआती निएंडरथल लकड़ी के औजार
एक कील, एक खोदने वाली छड़ी और हैंडल लगभग 171,000 साल पुराने हैं, जबकि
जर्मनी में 200,000 से 300,000 साल पहले के निएंडरथल लकड़ी के भाले मिले
हैं।
उन्होंने कहा कि 1989 में जॉर्डन नदी के किनारे एक किताब के
आकार का बहुत चिकना लकड़ी का टुकड़ा मिला था। वह 780,000 साल पुराना था। इस
खुदाई का नेतृत्व करने वाली आर्कियोलॉजिस्ट, यरूशलेम की हिब्रू
यूनिवर्सिटी की नामा गोरेन-इनबार का कहना है कि वह चीज हाथ से इस्तेमाल
होने वाले औजार का हिस्सा थी, लेकिन उसके दोनों सिरे टूटे हुए हैं। इससे
इसकी पुष्टि करना मुश्किल है।
ओहियो के गैंबियर में केन्यन कॉलेज के
एंथ्रोपोलॉजिस्ट ब्रूस हार्डी कहते हैं कि ये खोजें उन लकड़ी की तकनीक की
ओर इशारा करती हैं जिनका इस्तेमाल कभी होमोनिड्स करते थे, लेकिन अब वे खत्म
हो गई हैं। इंग्लैंड की लिवरपूल यूनिवर्सिटी के आर्कियोलॉजिस्ट लैरी बरहम
कहते हैं कि नई खोजें वैज्ञानिकों को इस बात की एक दुर्लभ झलक देती हैं कि
वह समय कैसा रहा होगा।