एक व्यक्ति, एक संकल्प और हरित क्रांति की आधी सदी: डॉ. कौशल किशोर जायसवाल का वनराखी आंदोलन
पलामू की धरती से शुरू हुआ डॉ. कौशल किशोर जायसवाल का "वनराखी आंदोलन" आज पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक जन-आंदोलन बन चुका है। वर्ष 1966 के भीषण अकाल से प्रभावित होकर उन्होंने अपना जीवन वृक्षारोपण, वन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के लिए समर्पित कर दिया। इस वर्ष उनका वनराखी आंदोलन 50 वर्ष पूरे कर रहा है।





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