काठमांडू, नेपाल में आज संसदीय चुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे
शुरू होगा। 275 सीटों के लिए मतदान शाम पांच बजे तक होगा। 165 सीटें सीधे
चुनाव और 110 सीटें समानुपातिक प्रणाली से भरी जाएंगी। निर्वाचन आयोग के
कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने मतदाताओं से बिना
किसी डर के मतदान करने की अपील की है। नेपाल, भारत से 15 मिनट आगे है।
नेपाल
में यह चुनाव पिछले साल हुए जेन-जी आंदोलन के बाद हो रहा है। सितंबर 2025
में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान नेपाल में व्यापक हिंसा हुई थी। इस घटना के
बाद देश की राजनीतिक दिशा को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। जेन-जी
आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी।
इसके बाद अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सुशीला कार्की ने नेतृत्व संभाला।
इस सरकार ने राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे
बढ़ाने के लिए चुनाव कराने का फैसला लिया।
नेपाल के निर्वाचन आयोग
के अनुसार, इस चुनाव में 1 करोड़ 89 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता मतदान करने
के पात्र हैं। इनमें लगभग 96 लाख 60 हजार पुरुष और 92 लाख 40 हजार महिलाएं
शामिल हैं। आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 3,406 उम्मीदवार चुनाव
मैदान में हैं, जबकि समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के लिए 3,135
उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है।
कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त
भंडारी ने बताया कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत वोटों की गिनती,
जिससे 110 सीटों का आवंटन तय होता है, में दो से तीन दिन अतिरिक्त लग सकते
हैं। यदि आयोग इस समय-सीमा का पालन करने में सफल होता है, तो यह चुनाव
परिणाम की घोषणा के संबंध में देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा।
नेपाल में 2022 के पिछले आम चुनाव के दौरान, अधिकारियों को पूर्ण और अंतिम
परिणाम प्रकाशित करने में दो सप्ताह से अधिक का समय लगा था।
नेपाल में आज संसदीय चुनाव के लिए कुछ देर में शुरू होगा मतदान





