न्यूयॉर्क। गाजा में युद्ध के बाद सामान्य जीवन बहाल करने की कोशिशों को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जताई है। 24 सितंबर 2026 को जारी संयुक्त राष्ट्र के ताजा आकलन में कहा गया है कि संघर्षविराम के करीब एक वर्ष बाद भी गाजा में शुरुआती पुनर्बहाली यानी early recovery उस स्तर तक नहीं पहुंच पाई है, जिसकी मौजूदा परिस्थितियों में आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे तेज करने के लिए जरूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। UN की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में बिजली, पानी और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाएं अभी भी गंभीर दबाव में हैं। बिजली की नियमित आपूर्ति बहाल नहीं होने से अस्पतालों, जल आपूर्ति प्रणालियों और अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन पर असर पड़ता है। पानी और सीवेज व्यवस्था की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार गाजा के सभी छह wastewater treatment plants फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं और करीब 70 प्रतिशत sewage pumping stations भी निष्क्रिय हैं। बड़ी संख्या में परिवारों को पानी की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने स्वास्थ्य व्यवस्था को भी शुरुआती रिकवरी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। लंबे संघर्ष के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं पर भारी दबाव बना हुआ है और कई चिकित्सा संस्थानों की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है। UN का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली केवल अस्पतालों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। इसके लिए बिजली, पानी, ईंधन, दवाइयां, उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता भी जरूरी है। इसलिए इन सभी क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई है। पुनर्निर्माण शुरू करने से पहले बड़ी मात्रा में जमा मलबे को हटाना जरूरी है। लेकिन UN के आकलन के अनुसार मलबे में सीवेज, मेडिकल और खतरनाक कचरा, एस्बेस्टस तथा विस्फोटक अवशेष जैसे जोखिम मौजूद हैं। इस वजह से मलबा हटाने का काम केवल निर्माण सामग्री हटाने तक सीमित नहीं है। इसके लिए विशेष मशीनरी, विशेषज्ञता और सुरक्षा उपायों की जरूरत होगी। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि विस्फोटक खतरों का सर्वेक्षण और मलबे की सुरक्षित सफाई बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की बुनियादी शर्तों में शामिल है। रहने की जगह की कमी भी गाजा की शुरुआती रिकवरी में बड़ी चुनौती बनी हुई है। UN रिपोर्ट के अनुसार 3.5 लाख से अधिक आवासीय इकाइयां नष्ट या क्षतिग्रस्त हुई हैं और 60 प्रतिशत से अधिक आबादी अपने घर खो चुकी है। करीब 19 लाख लोग विस्थापन का सामना कर चुके हैं, कई लोगों को एक से अधिक बार अपना स्थान बदलना पड़ा है। अस्थायी शिविरों और दूसरे विस्थापन स्थलों पर भीड़ और खराब स्वच्छता की समस्या आने वाले मौसम में और गंभीर हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने इसलिए सर्दियों से पहले shelter और winterization को तत्काल प्राथमिकता देने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ द्वारा किए गए Rapid Damage and Needs Assessment के अनुसार गाजा की रिकवरी और पुनर्निर्माण के लिए अगले दस वर्षों में करीब 71.4 अरब डॉलर की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इनमें से लगभग 26.3 अरब डॉलर शुरुआती 18 महीनों में आवश्यक बताए गए हैं। UN के अनुसार मौजूदा फंडिंग और कार्यान्वयन की गति इन जरूरतों से काफी कम है। सितंबर में संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा कि शुरुआती रिकवरी के प्रयास जमीन पर आवश्यक स्तर से काफी पीछे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुनर्निर्माण के लिए केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरी सामान, भारी मशीनरी, ईंधन, निर्माण सामग्री और विशेषज्ञों की गाजा तक नियमित और अनुमानित पहुंच भी सुनिश्चित करनी होगी। रिपोर्ट में आवश्यक उपकरण और विशेषज्ञता के प्रवेश के लिए बेहतर व्यवस्था, UN तथा साझेदार संस्थाओं के लिए काम करने की सुविधा और बहुवर्षीय तथा लचीली वित्तीय सहायता को महत्वपूर्ण बताया गया है। UN की ओर से जिन क्षेत्रों में तेजी से परिणाम हासिल करने की जरूरत बताई गई है, उनमें पानी और स्वच्छता, बिजली, कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य तथा आश्रय प्रमुख हैं। संयुक्त राष्ट्र का आकलन है कि इन बुनियादी सेवाओं में शुरुआती सुधार से लोगों के दैनिक जीवन पर तुरंत असर पड़ सकता है और लंबे समय के पुनर्निर्माण के लिए जरूरी परिस्थितियां तैयार हो सकती हैं। आने वाली सर्दियों को देखते हुए स्थिति और संवेदनशील हो सकती है। कई विस्थापित परिवार अस्थायी या असुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं। UN अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बारिश, जलभराव, सीवेज और कमजोर इमारतों का संयोजन मानवीय जोखिम को बढ़ा सकता है। सितंबर में गाजा सिटी में एक युद्ध से क्षतिग्रस्त इमारत के गिरने की घटना में लोगों की मौत भी दर्ज की गई थी। संयुक्त राष्ट्र ने गाजा की रिकवरी के लिए एक समन्वित व्यवस्था की जरूरत बताई है, जिसमें मानवीय सहायता से आगे बढ़कर व्यवस्थित शुरुआती पुनर्बहाली और फिर व्यापक पुनर्निर्माण की दिशा में काम किया जाए। UN का जोर इस बात पर है कि राहत और पुनर्निर्माण की योजनाओं में पानी, स्वास्थ्य, बिजली, स्वच्छता, मलबा हटाने, आश्रय, भोजन और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सहायता पहुंचाने वाली विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए। गाजा के सामने चुनौती केवल क्षतिग्रस्त इमारतों को दोबारा खड़ा करने की नहीं है। बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवास और सार्वजनिक सेवाओं की पूरी व्यवस्था को फिर से कार्यशील बनाना होगा। संयुक्त राष्ट्र का ताजा संदेश यही है कि शुरुआती रिकवरी में देरी को कम करना जरूरी है, क्योंकि बुनियादी सेवाओं में ठोस सुधार के बिना बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना कठिन रहेगा।बिजली और पानी की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती
स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली पर जोर
मलबा हटाना भी बड़ी बाधा
लाखों लोगों के लिए आश्रय की समस्या
पुनर्निर्माण के लिए भारी वित्तीय जरूरत
सिर्फ पैसा पर्याप्त नहीं
पानी, बिजली और स्वच्छता को तत्काल प्राथमिकता
सर्दियों से पहले बढ़ी चिंता
आगे की राह क्या होगी?
निष्कर्ष
गाजा के पुनर्निर्माण की धीमी रफ्तार पर UN की चिंता, जरूरी सेवाओं की बहाली पर जोर





