भागलपुर, 15 अक्टूबर 2026। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में वेतन कटौती को लेकर कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन, परीक्षा विभाग और विभिन्न कॉलेजों में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ है। इससे अपने जरूरी कार्यों के लिए विश्वविद्यालय पहुंचने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वेतन कटौती वापस लेने की मांग आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनके वेतन से की गई कटौती की उचित समीक्षा होनी चाहिए और काटी गई राशि वापस की जानी चाहिए। कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि कटौती संबंधी आदेश को लिखित रूप में वापस लिया जाए तथा वेतन भुगतान की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। कर्मचारियों ने इस मुद्दे पर पहले भी अधिकारियों के सामने अपनी आपत्तियां रखी थीं। लेकिन समाधान नहीं निकलने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन और काम बंद करने का रास्ता अपनाया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है। परीक्षा विभाग में सुरक्षा का मुद्दा भी उठा वेतन कटौती के अलावा कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा विभाग में संविदाकर्मी तन्मय वत्स के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी। कर्मचारियों का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए वे लगातार काम करते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय परिसर में उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों और प्रशासनिक कार्यों पर असर हड़ताल के कारण कार्यालयों की विभिन्न शाखाओं और काउंटरों का काम प्रभावित होने की सूचना है। ऐसे में परीक्षा संबंधी जानकारी, प्रमाणपत्र, दस्तावेजों और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए विश्वविद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अलग-अलग विभागों में सेवाओं की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित कार्यालय से की जानी चाहिए। अब प्रशासन के फैसले पर नजर इस पूरे मामले में कर्मचारियों की प्रमुख मांग वेतन कटौती के आदेश की वापसी, काटी गई राशि का भुगतान और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। दूसरी ओर, विवाद का स्थायी समाधान निकालने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्णय और कर्मचारियों के साथ प्रभावी संवाद जरूरी माना जा रहा है। फिलहाल, वेतन कटौती को लेकर जारी यह विवाद विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों के कामकाज को भी प्रभावित कर रहा है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और सामान्य कामकाज कब तक बहाल हो पाता है।
भागलपुर विश्वविद्यालय में वेतन कटौती पर बवाल, कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित






