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बिहार में प्रशासनिक क्रांति,30 दिन में शिकायत न सुलझाने वाले अफसर होंगे स्वतःनिलंबित:सम्राट चौधरी,मुख्यमंत्री


मुकेश कुमार/ब्यूरो चीफ 

पटना/बिहार।बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और आपदा प्रबंधन को हाईटेक बनाने के लिए कई बड़े व ऐतिहासिक फैसलों का ऐलान किया है।पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने बिहार अग्निशमन सेवा को मजबूत करने के लिए 80 नए अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इसके साथ ही उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर देश के पहले 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' आधारित आधुनिक अग्निशमन नियंत्रण कक्ष का भी विधिवत उद्घाटन किया।

हर विभाग अपनाए AI तकनीक,एस्टीमेट में होगी 5 से 6% की बचत

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिहार के सभी सरकारी विभागों को अपने विकास कार्यों के एस्टीमेट में AI(कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तकनीक का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा अगर किसी विकास कार्य का प्राकलन(एस्टीमेट)1 लाख रुपये का है और उसमें AI तकनीक की मदद ली जाती है,तो 5 से 6 प्रतिशत तक की 'कॉस्ट कटिंग'(लागत में कमी) सुनिश्चित होती है।अब कोई भी विभाग बिना AI से री-चेक कराए किसी भी एस्टीमेट को मंजूरी प्रदान नहीं करेगा।

 'सहयोग शिविर' में तय हुई डेडलाइन,लापरवाही पर 31वें दिन सीधे सस्पेंशन

आम जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कल(मंगलवार)से बिहार की सभी पंचायतों में 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम की भौतिक शुरुआत हो रही है।इस कार्यक्रम की गंभीरता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया:

10 दिन के अंदर: आवेदन मिलने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी करना होगा।

20वें दिन:नोटिस निर्गत कर आवेदन के निष्पादन की प्रगति की समीक्षा होगी।

30 दिन की समय-सीमा: हर हाल में 30 दिनों के भीतर शिकायत का निपटारा करना होगा।

यदि 30 दिनों में काम पूरा नहीं हुआ,तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि न्यायालय से जुड़े मामलों को छोड़कर किसी भी सूरत में आम जनता के आवेदनों को लटकाया नहीं जाएगा और इसकी 'रियल टाइम मॉनिटरिंग' सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से की जाएगी।

अत्याधुनिक स्वदेशी व विदेशी उपकरणों से लैस हुए जांबाज

मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में अग्निशमन सेवा द्वारा लगाए गए आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें न्यूमैटिक एयरलिफ्टिंग बैग,सिंगल एक्टिंग कॉम्पेक्ट हाइड्रोलिक डोर ओपनर,सेल्फ कंटेंड ब्रीथिंग अपेरेटस, हाइड्रोलिक डिवॉटरिंग पंप, कूलिंग वेस्ट,हाई प्रेशर पोर्टेबल पंप,पावर शोरिंग सिस्टम और 65000 ल्यूमेंस की क्षमता वाली रिमोट एरिया लाइटिंग जैसे विश्वस्तरीय उपकरणों की जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बिहार अग्निशमन सेवा में 8000 से अधिक प्रशिक्षित जांबाज जवान तैनात हैं, जो आपदा की घड़ी में देवदूत बनकर लोगों की जान बचाते हैं।

कार्यक्रम में कई दिग्गज रहे मौजूद

इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान अग्निशमन सेवा के कमांडो ने जांबाज प्रदर्शन और 'वाटर सैल्यूटिंग शो' के जरिए अपनी शक्ति और अनुशासन का परिचय दिया।मंच पर मुख्य रूप से सांसद देवेश चंद्र ठाकुर,बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ.उदयकांत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार,गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी,अग्निशमन सेवा की महानिदेशक श्रीमती शोभा अहोतकर,मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ.गोपाल सिंह,पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े और पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।