पटना। बिहार में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती के बीच राज्य के चार जिलों का नाम देश के प्रमुख साइबर क्राइम हॉटस्पॉट की सूची में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा देश के शीर्ष 15 साइबर अपराध प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इनमें नवादा को दूसरे, नालंदा को चौथे, पटना को सातवें और शेखपुरा को 15वें स्थान पर बताया गया है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराध के मामलों में इन जिलों की भूमिका अलग-अलग तरह से सामने आई है। नवादा और नालंदा से देश के विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन ठगी करने वाले नेटवर्क के सक्रिय होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। वहीं पटना में साइबर ठगी से जुड़ी रकम की निकासी, खासकर एटीएम और बैंकिंग चैनलों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई है। शेखपुरा का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर चिन्हित हॉटस्पॉट जिलों में आया है। रिपोर्टों के अनुसार, साइबर अपराध का नेटवर्क केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बिहार के कुछ ग्रामीण इलाकों में बैठे लोग कथित तौर पर देश के दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों को फोन, मैसेज, फर्जी लिंक और अन्य डिजिटल माध्यमों से निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में फर्जी बैंक कॉल, ओटीपी हासिल करने की कोशिश, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, नकली ग्राहक सेवा नंबर और फर्जी निवेश या नौकरी के प्रस्ताव जैसे तरीके इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आती रही है। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट भी जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती हैं। ये ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। बिहार सरकार की ओर से अगस्त 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार, 6,251 म्यूल बैंक खातों का सत्यापन किया गया था। इस कार्रवाई में कानूनी कदम उठाए गए और बड़ी संख्या में संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई। बिहार में साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एक हालिया विश्लेषण के मुताबिक, राज्य में वर्ष 2024 के दौरान करीब 68,931 साइबर अपराध शिकायतें दर्ज हुई थीं। 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,17,812 हो गई। 2026 के पहले सात महीनों में ही 1,14,918 शिकायतें दर्ज होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, डिजिटल भुगतान और मोबाइल आधारित सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर ठगी की शिकायतें भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं। साइबर फ्रॉड के मामलों में केवल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पीड़ितों की रकम को सुरक्षित करने और वापस दिलाने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बिहार सरकार के अनुसार, Money Restoration Module के तहत पात्र मामलों में कार्रवाई की गई और 5,642 मामलों में करीब 224.53 लाख रुपये की बहाली के आदेश जारी किए गए। साथ ही बैंक खातों को गलत तरीके से फ्रीज किए जाने से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए भी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार पर भी जोर दिया गया है। बिहार में इस नंबर को बिजली बिल, डिजिटल डिस्प्ले, शिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर अपराध विशेषज्ञ लगातार यह सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी होती है तो वह देरी किए बिना 1930 पर शिकायत करे और संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को भी तुरंत सूचना दे। साइबर अपराध के नेटवर्क में फर्जी दस्तावेजों से जारी सिम कार्ड और दूसरे लोगों के बैंक खातों के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। साइबर अपराध से बचने के लिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना भी जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बनकर तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाए, तो बिना सत्यापन के भुगतान नहीं करना चाहिए। बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा का देश के शीर्ष 15 साइबर अपराध हॉटस्पॉट में शामिल होना राज्य में डिजिटल अपराध की गंभीर चुनौती को रेखांकित करता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन का फोकस म्यूल खातों, फर्जी सिम नेटवर्क, साइबर ठगी के मामलों की जांच और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने पर है।चार जिलों की स्थिति
गांवों से संचालित होने वाले साइबर नेटवर्क की चुनौती
म्यूल बैंक खातों पर पुलिस की कार्रवाई
साइबर ठगी की शिकायतें तेजी से बढ़ीं
पीड़ितों की रकम वापस दिलाने पर जोर
1930 हेल्पलाइन को लेकर जागरूकता अभियान
फर्जी सिम और डिजिटल पहचान पर भी नजर
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
निष्कर्ष
बिहार के 4 जिले देश के टॉप-15 साइबर अपराध हॉटस्पॉट में, ठगी के नेटवर्क पर पुलिस की नजर






