सुपौल, 08 मई । जिला समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। जनता दरबार की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, सड़क एवं जल निकासी, बिजली, आवास योजना तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े आवेदन शामिल थे। फरियादियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की।
जिलाधिकारी ने जनता दरबार में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का सीधा समाधान उपलब्ध कराना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है।
जनता दरबार के दौरान कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व एवं विकास योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी शिकायत का निष्पादन लंबित न रहे।
इस अवसर पर सारा अशरफ, सच्चिदानंद सुमन, विकास कुमार कर्ण सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों से प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि जनता दरबार के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे न केवल शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिलती है, बल्कि प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद भी मजबूत होता है।
जिला जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, कुल 44 मामलों की हुई सुनवाई





