BREAKING NEWS

logo

मरीजों को त्वरित सेवा एवं अस्पतालों में बेहतर इलाज निशांत कुमार की प्राथमिकता:जद(यू)


मुकेश कुमार/ब्यूरो चीफ 

पटना(बिहार)।जद(यू) प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम एवं मीडिया पैनलिस्ट डॉ मधुरेंदु पांडेय ने जारी बयान में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक,पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। 
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की विस्तृत समीक्षा के दौरान उन्होंने बिहार हेल्थ एप्लीकेशन विजनरी योजना(भव्या)के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए यह स्पष्ट किया कि डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाकर आम नागरिकों को तेज, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सभी सरकारी अस्पतालों को डिजिटल हेल्थ व्यवस्था से पूर्ण रूप से जोड़ने के निर्देश देकर यह संदेश दिया है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर बल दिया कि ग्रिवांस सेल को अधिक सक्रिय और संवेदनशील बनाया जाए ताकि आम जनता की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान हो सके तथा लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने,इमरजेंसी सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति पर रोक लगाने जैसे निर्णयों को प्राथमिकता दी है।साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एंबुलेंस सेवाओं को और अधिक सुविधायुक्त बनाया जाए, खराब चिकित्सा उपकरणों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित हो तथा दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर स्थिति में बनी रहे।निशांत कुमार ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से संसाधनों की निरंतर निगरानी और अस्पतालों में खाली बेड की रीयल टाइम जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है, जिससे मरीजों को सही समय पर सही जानकारी मिल सके और किसी भी प्रकार के बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया जा सके।इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों के रोस्टर प्रबंधन में सुधार करते हुए मरीजों की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील और जवाबदेह व्यवहार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।यह संपूर्ण पहल बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे राज्य के आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर और प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी।