प्रतिनिधि, पलामू : भाई-बहन के अटूट प्रेम, सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माने जाने वाले प्रकृति पर्व करमा पूजा को लेकर पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पर्व को लेकर ग्रामीण इलाकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
करमा पूजा की तैयारियां
विभिन्न गांवों व टोला-मोहल्लों में करमा पूजा के लिए अंतिम तैयारी पूरी हो गई है। करमा पूजा के अवसर पर बहनें परंपरागत रीति-रिवाज के साथ करम डाल की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगी। महिलाएं एवं युवतियां विशेष रूप से इस पर्व को लेकर उत्साहित हैं। पूजा के दौरान करम देवता की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और बहनें अपने भाईयों के दीर्घायु जीवन की कामना करेंगे। पर्व को लेकर घरों में विशेष पकवान भी बनाया जाएगा।
पारंपरिक संगीत और नृत्य
वहीं, पूजा स्थल पर करमा गीत और पारंपरिक लोकगीतों की गूंज सुनाई दे रही है। कई स्थानों पर युवाओं व ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से करमा नृत्य की भी तैयारी की गई है। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर युवक-युवतियां देर रात तक नृत्य एवं गीत प्रस्तुत करेंगे। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी के पलामू जिला अध्यक्ष धनंजय तिवारी ने बताया की करमा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और भाई-बहन के स्नेह से जुड़ा महत्वपूर्ण लोकपर्व है। इस अवसर पर नई पीढ़ी को भी अपनी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाज से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। पूजा के दौरान ग्रामीणों में आपसी भाईचारा और सामाजिक एकजुटता भी देखने को मिलती है।






