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बचपन की मुस्कान में ही जिंदगी की सबसे खूबसूरत तस्वीर छिपी होती है…अविनाश देव


संत मरियम आवासीय विद्यालय के बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ उनके बचपन की खुशियों को जीवंत रखना भी विद्यालय परिवार की जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव जी बच्चों को रक्षाबंधन के अवसर पर लगे डिज्नीलैंड झूलन मेला घुमाने लेकर गए।

मेले में बच्चों ने जमकर आनंद लिया—किसी ने झूले का मजा लिया, किसी ने चरखा झूला, तो किसी ने मीना बाजार में अपनी पसंद की चीजें देखीं। भेलपुरी सहित विभिन्न फास्ट फूड का स्वाद लेते हुए बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। समाप्ति की ओर बढ़ रहे मेले में बच्चों की इच्छा थी कि वे भी मेला घूमें और अपने बचपन को जी भरकर जिएँ।

अविनाश देव जी ने बच्चों की इस छोटी-सी इच्छा को भी महत्व दिया। उन्होंने कहा कि हम भी अपने बचपन में मेला जाने के लिए मां-पिता से जिद किया करते थे, झूले झूलते थे, खिलौने लेते थे और हंसते-खेलते घर लौटते थे। फिर इन बच्चों के बचपन को हम कैसे भूल सकते हैं?

घर-परिवार, मां-पिता और अपनेपन से दूर छात्रावास में गुरुकुल जैसी व्यवस्था में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे इन बच्चों के लिए विद्यालय ही उनका परिवार है। इसलिए केवल किताबों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनकी मुस्कान, इच्छाओं और बचपन का भी ख्याल रखना हमारा दायित्व है।

क्योंकि बचपन केवल उम्र का एक पड़ाव नहीं, बल्कि जिंदगी की वह ऊर्जा है जो इंसान के भीतर हमेशा ताजगी और उमंग बनाए रखती है।
बच्चों को पढ़ाई के साथ खुश रहने का अवसर मिलेगा, तो उनके मन में नई ऊर्जा आएगी और वे और बेहतर ढंग से अपने भविष्य की ओर बढ़ेंगे।

बच्चों के चेहरे पर खिली यह मुस्कान ही संत मरियम परिवार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

— अविनाश देव
चेयरमैन, संत मरियम आवासीय विद्यालय।