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सांसद बिद्युत बरण महतो ने गत दिनों केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की एवं दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।


सर्वप्रथम उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिला क्षेत्र में हाथियों के द्वारा दुर्घटना कारित किए जाने एवं स्थानीय वासियों के साथ आए दिन फसल एवं घर के साथ-साथ जान माल की क्षति पर चर्चा की।सांसद श्री महतो ने कहा कि चाकुलिया एवं डुमरिया सहित उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि विगत एक दशक में लगभग 47 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके साथ ही साथ फसल घर एवं संपत्तियों को जंगली हाथियों के द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सांसद श्री महतो ने कहा कि स्थानीय लोगों एवं वन विभाग के पदाधिकारियों ने बताया है कि पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के द्वारा उसके सीमावर्ती क्षेत्रों पर गहरी खाई खोद दी गई है। इसके कारण हाथी वापस अपने सामान्य मार्ग (एलिफेंट कारिडोर) से वापस नहीं जा पाते हैं और इसी क्षेत्र में विचरण करते हैं।सांसद ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में वन विभाग के द्वारा कई एकड़ में पार्क निर्माण किया जा रहा है। इसके कारण हाथी- मानव संघर्ष की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है।सांसद ने सुझाव देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के स्तर पर तीनों राज्यों के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, जिला प्रशासन एवं वन विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाए। जिससे हाथियों के प्राकृतिक आवागमन एलिफेंट कॉरिडोर को पुनर्स्थापित किया जा सके साथ ही साथ एक वैज्ञानिक तर्कसंगत समाधान निकाला जाए।जिससे हाथी-मानव का संघर्ष कम हो सके और ग्रामीण वासियों की आजीविका एवं सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे इस संबंध में अपने अधिकारियों को निर्देश देंगे कि वह स्थल पर जाकर वस्तु स्थिति का आकलन करें और इस संबंध में जो भी आवश्यक कार्रवाई करना हो उसे पर त्वरित कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराएं।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से धालभूमगढ़ हवाई अड्डे के बारे में भी एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि ईस संबंध में नागरिक उड्डयन विभाग के द्वारा 19 बिंदुओं पर वन विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है।सांसद ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि वन विभाग के द्वारा इस संबंध में प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है और परिवेश पोर्टल पर उसे उपलब्ध कराने कि प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सांसद श्री महतो ने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट इस क्षेत्र की अत्यंत आवश्यक और जनहित से जुड़ा हुआ विषय है। इसका शिलान्यास कई वर्ष पूर्व किया जा चुका है और यह तीनों राज्यों के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा कि वह पर्यावरण मंत्रालय के द्वारा इससे संबंधित जानकारी यथाशीघ्र उपलब्ध कराया  जाए। केंद्रीय मंत्री ने सांसद श्री महतो को आश्वस्त किया कि वह निजी स्तर पर इन बातों का आकलन करके  यथाश एनओसी प्रदान करने का निर्देश सबंधित पदाधिकारियों को देंगें।