भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद एक महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन चुकी है और इसे जल्द ही औपचारिक रूप से साइन किया जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार को बढ़ाना, निवेश को आकर्षित करना और नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस FTA के तहत भारतीय उत्पादों को न्यूज़ीलैंड के बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी और कई निर्यात पर शुल्क (टैरिफ) समाप्त या कम किए जाएंगे। वहीं, न्यूज़ीलैंड को भी अपने निर्यात के लिए भारत में बेहतर बाजार उपलब्ध होगा, जहां बड़ी मात्रा में उत्पादों पर शुल्क में राहत दी जाएगी। इस समझौते में सेवाओं, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और कुशल पेशेवरों के लिए भी अवसर बढ़ने की संभावना है। साथ ही, न्यूज़ीलैंड द्वारा भारत में दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देने की भी योजना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह डील भारत के वैश्विक व्यापार विस्तार की रणनीति का हिस्सा है और इससे आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता, व्यापार और रोजगार के नए अवसर





