फुटबॉल की दुनिया में इस समय सबसे बड़ा विवाद FIFA के अंदर चल रहा है। यूरोप की खिलाड़ियों की यूनियन FIFPRO ने FIFA पर गंभीर आरोप लगाए हैं। FIFPRO का कहना है कि FIFA ने चुपके से "Forward Enterprise" नाम की एक योजना बनाई थी, जिसके तहत वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंटों के अधिकार प्राइवेट निवेशकों को बेचे जाने वाले थे।जब खिलाड़ियों और यूरोपीय लीगों ने इसका विरोध किया तो FIFA को ये योजना वापस लेनी पड़ी। लेकिन FIFPRO यूरोप का कहना है कि FIFA अभी भी बिना खिलाड़ियों से पूछे बड़े फैसले ले रही है, जिससे खिलाड़ियों पर मैचों का बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा है कि अगर FIFA ने फैसला लेने का तरीका नहीं बदला तो वे बड़े टूर्नामेंटों के बायकॉट तक जा सकते हैं।
फुटबॉल - FIFA के खिलाफ खिलाड़ियों का विद्रोह, प्राइवेट फंडिंग पर बवाल






