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देवघर में 750 बेड के मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल की शुरुआत, भविष्य में मेडिकल कॉलेज की भी योजना


देवघर। झारखंड के देवघर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हुई है। बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट और पीडी हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के सहयोग से 750 बेड वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया गया। अस्पताल का उद्देश्य देवघर, संताल परगना और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।

असम के मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

अस्पताल का उद्घाटन 23 सितंबर 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किया। कार्यक्रम में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की चेयरपर्सन अनामिका गौतम, पीडी हिंदुजा हॉस्पिटल के CEO गौतम खन्ना और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अस्पताल के उद्घाटन के दौरान अस्पताल की सुविधाओं और इसके भविष्य के विस्तार पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, संस्थान को आगे चलकर बड़े चिकित्सा और मेडिकल एजुकेशन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं पर जोर

नए अस्पताल को मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार यहां ICU, इमरजेंसी यूनिट और सामान्य वार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताओं से जुड़ी सेवाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़े।

संताल परगना के मरीजों को मिल सकता है लाभ

देवघर के अलावा संताल परगना के अन्य जिलों और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों के लिए भी इस अस्पताल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में कहा गया कि पहले बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए क्षेत्र के कई मरीजों को कोलकाता जैसे बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होने से इस निर्भरता को कम करने में मदद मिल सकती है।

भविष्य में मेडिकल कॉलेज विकसित करने की योजना

इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भविष्य में मेडिकल कॉलेज विकसित करने की योजना है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्घाटन के दौरान कहा कि आगे इसी परिसर में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे चिकित्सा सेवाओं के साथ मेडिकल शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैयारी के लिए भी एक नया केंद्र विकसित हो सकता है।

हालांकि मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक भविष्य की योजना है और उसके संचालन के लिए संबंधित नियामकीय प्रक्रियाओं तथा आवश्यक अनुमतियों का पालन करना होगा।

AIIMS देवघर के साथ स्वास्थ्य नेटवर्क मजबूत करने की उम्मीद

देवघर में पहले से AIIMS देवघर मौजूद है। नए अस्पताल के शुरू होने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि AIIMS और नए अस्पताल दोनों अपने-अपने स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर सकते हैं। उनके अनुसार, इससे देवघर को धीरे-धीरे मेडिकल टूरिज्म के एक केंद्र के रूप में विकसित होने में मदद मिल सकती है। यह उनका कार्यक्रम में व्यक्त किया गया दृष्टिकोण है।

धार्मिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म पर भी नजर

देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर के कारण देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। अब स्वास्थ्य क्षेत्र में नए निवेश और बड़े अस्पताल की शुरुआत के साथ शहर को मेडिकल टूरिज्म से जोड़ने की संभावना पर भी जोर दिया जा रहा है।

इसका मतलब यह है कि भविष्य में देवघर आने वाले लोगों में धार्मिक यात्रियों के अलावा इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ सकती है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव अस्पताल की सेवाओं, लागत, विशेषज्ञ उपलब्धता और मरीजों के अनुभव पर निर्भर करेगा।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सेवा का दावा

उद्घाटन कार्यक्रम में अस्पताल को आम लोगों, विशेषकर गरीब और मध्यम आय वर्ग के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की ओर से अस्पताल को सेवा-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करने की बात कही गई है।

स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह शुरुआत?

देवघर और आसपास के जिलों में गंभीर बीमारी या विशेषज्ञ उपचार की जरूरत पड़ने पर मरीजों को कई बार बड़े शहरों में जाना पड़ता था। 750 बेड की क्षमता वाला नया अस्पताल इस क्षेत्र में उपलब्ध उपचार क्षमता को बढ़ा सकता है।

साथ ही, भविष्य में मेडिकल कॉलेज की योजना लागू होती है तो चिकित्सा शिक्षा, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण तथा शोध के लिए भी अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार हो सकता है।

निष्कर्ष

देवघर में 750 बेड वाले बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट-हिंदुजा अस्पताल की शुरुआत संताल परगना क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार की एक बड़ी पहल के रूप में सामने आई है। फिलहाल अस्पताल की सेवाओं का विस्तार और संचालन महत्वपूर्ण होगा, जबकि मेडिकल कॉलेज की योजना भविष्य के चरण में है। यदि प्रस्तावित विस्तार योजनाएं लागू होती हैं, तो देवघर में इलाज और मेडिकल शिक्षा दोनों के लिए बड़ा स्वास्थ्य केंद्र विकसित हो सकता है।

कॉपीराइट नोट: यह समाचार उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र शब्दों और नए वाक्य-विन्यास में तैयार किया गया है। इसे किसी स्रोत की लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। फोटो, वीडियो और अन्य मीडिया सामग्री के अधिकार अलग से जांचना आवश्यक है।