साहिबगंज में एसआईआर के दौरान फर्जी जाति प्रमाण पत्र का खुलासा,
• मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर 08 लोगों पर एफआईआर
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
साहिबगंज : बरहरवा थाना क्षेत्र के आहुत ग्राम पंचायत अंतर्गत इस्लामपुर गांव में एसआईआर-2026 प्रक्रिया के दौरान फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के निर्देश पर बरहरवा थाना में कांड संख्या-224/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें 08 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर फर्जी जाति प्रमाण पत्र कैसे और किस प्रक्रिया से बनाए गए। प्रमाण पत्र बनाने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसकी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में केवल आरोपी ही नहीं बल्कि प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में लिया गया है। संबंधित अभिलेखों, आवेदन पत्रों और कार्यालयी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस फर्जीवाड़े में किसी कर्मचारी या अन्य बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी बरहरवा थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर पंकज सिंह को सौंपी गई है। एसआई पंकज सिंह मामले से जुड़े सभी बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ दस्तावेजों का मिलान भी कर रही है।
गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जाति प्रमाण पत्र एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नाम जोड़ने की कोशिश चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। इसी को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया था।
पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





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