BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

तक्षशिला विद्यापीठ में महालया महोत्सव का भव्य आयोजन



• 'महिषासुर मर्दिनी' नृत्य नाटिका ने मोहा मन

अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : तक्षशिला विद्यापीठ स्थित डॉ० कृष्णानंद झा मेमोरियल ऑडिटोरियम में शनिवार को महालया महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यापीठ के प्रबंध निदेशक अशोकानंद झा, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनोज प्रसाद एवं एसडीओ रवि कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर रमेश बाजला, वरीय अधिवक्ता अशोक राय, ताराचंद जैन, प्रदीप बजला, प्रोफेसर उदय प्रकाश, आरएसएस के विजेंद्र, विद्यालय के निदेशक सुभ्र भट्टाचार्य, प्राचार्य डॉ० के० डी० विश्वास सहित विद्यालय परिवार उपस्थित थे।

शंख ध्वनि के साथ "महिषासुर मर्दिनी" नृत्य नाटिका का शुभारंभ हुआ। विद्यापीठ के छात्रों ने आगमनी गीत की सुंदर प्रस्तुति दी। तत्पश्चात "बाजलो तुमार आलोर वेणु" के साथ देव लोक के कई दृश्यों की सुंदर प्रस्तुति दी गई।

नाटिका में महिषासुर का ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्ति, ऋषि कात्यायन के आश्रम का विध्वंस, इंद्रलोक पर महिषासुर का आक्रमण, असुर सैनिकों का विजयोत्सव, देवताओं का ब्रह्मा जी की शरण में जाना, शक्ति पुंज का निर्माण एवं अस्त्र दान, दुर्गा का शक्ति नृत्य, देवी के नौ स्वरूपों का दर्शन, चामुंडा पर्वत पर मां दुर्गा, गुप्तचर, चिक्षुर एवं महिषासुर के बीच संवाद के साथ महिषासुर वध का मंचन किया गया।

कार्यक्रम में भरतनाट्यम, धुनुची नृत्य एवं बंगाल का प्रसिद्ध सिंदूर खेला का भी मंचन हुआ। मां दुर्गा के रूप में कक्षा 12वीं की छात्रा अदिति झा एवं महिषासुर के रूप में कक्षा 10वीं के छात्र नैतिक शाह ने सजीव अभिनय किया।

"महिषासुर मर्दिनी" नृत्य नाटिका का आधार दुर्गा सप्तशती है, जिसका नाट्य रूपांतरण विद्यापीठ के संस्थापक प्रबंध निदेशक स्वर्गीय डॉक्टर कृष्णानंद झा के मार्गदर्शन में विद्यालय परिवार द्वारा किया गया था।

स्वर्गीय डॉ० झा का मानना था कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के द्वारा ही हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित कर सकते हैं।

न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने प्रदर्शन को प्रशंसनीय बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में भरपूर समन्वय देखने को मिला। परंपरा के निर्वहन के लिए उन्होंने विद्यालय के प्रबंध निदेशक अशोकानंद झा को शुभकामनाएं दीं। वहीं देवघर एसडीओ रवि कुमार ने कार्यक्रम के स्तर को जिला से बढ़कर राष्ट्रीय स्तर का बताते हुए भविष्य में तक्षशिला विद्यापीठ को आगे बढ़ाने के लिए अपने स्तर से मौका देने का आश्वासन दिया।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक  अशोकानंद झा ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के साथ-साथ अभिभावकों को भी नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।

संस्कृति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में तक्षशिला विद्यापीठ के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों का योगदान सराहनीय रहा।