दिल की धड़कन अब यहीं संभलेगी: देवघर एम्स में पहली बार अत्याधुनिक एलबीबीएपी पेसमेकर सफल, रांची-कोलकाता जाने का झंझट खत्म.
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
अमित कुमार
देवघर : संताल परगना की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा मील का पत्थर जुड़ गया है। एम्स देवघर ने पहली बार अत्याधुनिक लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पासिंग (एलबीबीएपी) तकनीक से परमानेंट पेसमेकर इंप्लांटेशन सफलतापूर्वक किया है। इस उपलब्धि के साथ देवघर 'एम्स' झारखंड के उन चुनिंदा केंद्रों में शामिल हो गया है जहां ये वर्ल्ड क्लास सुविधा उपलब्ध है।
*चक्कर-बेहोशी से जूझ रही महिला को मिली राहत*
इस तकनीक का पहला लाभ देवघर की 60 वर्षीय महिला मरीज को मिला। मरीज पिछले एक महीने से बार-बार चक्कर आने, बेहोशी जैसा महसूस होने और अचानक गिर जाने की समस्या से परेशान थीं। डर के कारण उन्होंने घर से निकलना तक बंद कर दिया था। जांच में पता चला कि वे सिक साइनस सिंड्रोम से ग्रसित हैं, जिसमें दिल की नेचुरल पेसमेकर सिस्टम काम नहीं करती।
इसके बाद उन्हें रेफर कर देवघर 'एम्स' लाया गया, जहां कार्डियोलॉजी विभाग ने एलबीबीएपी तकनीक से पेसमेकर लगाया।
*परंपरागत पेसमेकर से 10 गुना बेहतर तकनीक*
डॉ. सी.बी. पांडेय और डॉ. स्मारकरंजन राउत के नेतृत्व में हुई इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज की सभी शिकायतें खत्म हो गईं और उन्हें स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया।
कार्डियोलॉजी विभाग के मुताबिक एलबीबीएपी तकनीक दिल की प्राकृतिक विद्युत संचरण प्रणाली का इस्तेमाल करती है। पारंपरिक पेसमेकर की तुलना में ये तकनीक दिल की धड़कन को ज्यादा स्वाभाविक और सिंक्रोनाइज्ड रखती है। नतीजा - लंबे समय तक बेहतर हृदय क्षमता और मरीज की क्वालिटी ऑफ लाइफ में बड़ा सुधार।
उन्नत उपकरण और विशेष प्रशिक्षण की जरूरत के कारण ये सुविधा अभी देश के गिने-चुने कार्डियक सेंटर में ही है।
*अब रांची-कोलकाता जाने की जरूरत नहीं*
देवघर 'एम्स' की इस सफलता का सबसे बड़ा फायदा देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा समेत संताल परगना के मरीजों को होगा। अब हृदय गति की जटिल बीमारियों के लिए मरीजों को महंगे इलाज और लंबी दूरी तय कर रांची, कोलकाता या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। अत्याधुनिक उपचार अब बाबा नगरी में ही उपलब्ध है।
कार्डियोलॉजी विभाग ने इस सफलता का श्रेय देवघर 'एम्स' के निदेशक 'डॉ नितिन गंगाने' के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग को दिया। विभाग ने भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में आगे भी कई नई चिकित्सकीय उपलब्धियां हासिल कर क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय हृदय सेवाएं दी जाती रहेंगी।





