देवघर में पंचायती राज की उच्चस्तरीय समीक्षा: उपायुक्त ने बीडीओ को दिए कड़े निर्देश, आंगनबाड़ी-कचरा-आधार पर विशेष जोर
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
अमित कुमार
देवघर : गांवों में विकास योजनाओं की रफ्तार तेज करने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार 13 जून को समाहरणालय सभागार में पंचायती राज विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में डीसी ने 14वें-15वें वित्त आयोग की योजनाओं से लेकर पेयजल और स्वच्छता तक की गहन समीक्षा की और अफसरों को कई सख़्त निर्देश दिए।
बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग और 2024-25 के वित्तीय ऑडिट की प्रगति पर चर्चा हुई। डीसी ने साफ कहा कि टाइट और अनटाइड मद से स्वीकृत सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे हों। लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीडीओ को निर्देश दिया गया कि लंबित ऑडिट कार्य तुरंत निपटाएं और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें।
ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल देना प्राथमिकता पर रखा गया। डीसी ने 14वें और 15वें वित्त से बनी सभी जलमीनारों की स्थिति जानी। निर्देश दिया कि जो भी जलमीनार अपूर्ण है या तकनीकी खराबी से बंद है, उसे युद्धस्तर पर ठीक कर शत-प्रतिशत चालू किया जाए। प्रखंड अभियंताओं को प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय में जमा करने को कहा गया, ताकि पेयजल संकट खत्म हो सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को कचरा मुक्त बनाने पर विशेष फोकस रहा। डीसी ने कहा कि पंचायत स्तर पर गीले-सूखे कचरे के निस्तारण के लिए डस्टबिन वितरण और प्रसंस्करण केंद्र तुरंत एक्टिव किए जाएं। ठोस कार्ययोजना बनाकर गांवों को ओडीएफ+ बनाना है।
बच्चों की शिक्षा और ग्रामीण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डीसी ने कई निर्देश दिए:
1. *आंगनबाड़ी*: 15वें वित्त की राशि से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत और रंग-रोगन कराया जाए, ताकि बच्चे आकर्षक माहौल में पढ़ सकें।
2. *ज्ञान केंद्र*: पंचायतों में बने ज्ञान केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करें। यहां बच्चे और युवा शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकें।
3. *प्रज्ञा केंद्र*: जिला पंचायती राज पदाधिकारी सभी पंचायतों में प्रज्ञा केंद्र को सक्रिय करें, ताकि ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं घर के पास मिलें।
डीसी ने सभी पंचायतों में 30 जून तक चल रहे आधार कैंप को लेकर भी सख्ती दिखाई। निर्देश दिया कि 0 से 5 साल के सभी बच्चों का आधार कार्ड बनना अनिवार्य है। बीडीओ यह सुनिश्चित करें कि एक भी बच्चा छूटे नहीं।
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के बीडीओ, बीपीआरओ, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
डीसी सौरभ भुवानियां ने अंत में कहा कि पंचायतों का चहुंमुखी विकास तभी होगा जब सभी विभाग आपसी समन्वय, पारदर्शिता और सेवा भाव से काम करेंगे। अब देखना होगा कि उनके निर्देशों पर बीडीओ और अभियंता कितनी तेजी से अमल करते हैं।





