मनरेगा जेई संतोष कुमार 5000 रुपए घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दुमका ले गई टीम.
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
अमित कुमार
देवघर : मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी दुमका ने कड़ी कार्रवाई की है। करौँ प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा कनीय अभियंता संतोष कुमार को सोमवार सुबह 5000 रुपए रिश्वत लेते एसीबी की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी करौँ प्रखंड मुख्यालय स्थित उनके सरकारी आवास से हुई। इसके बाद एसीबी टीम उन्हें पूछताछ के लिए दुमका ले गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के करौं प्रखंड के लकरछरा गांव निवासी भीम राणा और जन्मजय राणा का डीसीबी ट्रेंच कटिंग का कार्य मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत था। काम पूरा होने के बाद बिल पास करने के एवज में कनीय अभियंता संतोष कुमार पैसे की मांग कर रहे थे। पीड़ितों ने कई बार अनुरोध किया, लेकिन अभियंता रिश्वत के बिना फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे थे।
तंग आकर भीम राणा ने भाजपा जिला किसान मोर्चा नेता विश्वनाथ रवानी के नेतृत्व में दुमका एसीबी को लिखित आवेदन देकर शिकायत की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया और जाल बिछाने का निर्णय लिया।
बुधवार को एसीबी दुमका की 20 सदस्यीय टीम सुबह ही करौँ प्रखंड मुख्यालय पहुंच गई। टीम ने प्रखंड परिसर और आसपास के इलाके में मोर्चा संभाल लिया। तय योजना के अनुसार पीड़ित भीम राणा और जन्मजय राणा रिश्वत की रकम लेकर जेई संतोष कुमार के आवास पहुंचे। जैसे ही अभियंता ने 5000 रुपए घूस अपने हाथ में लिए, एसीबी टीम ने धावा बोलकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत के नोटों पर लगा केमिकल उनके हाथों पर लग गया, जो घूस लेने का पुख्ता सबूत बना।
जेई की गिरफ्तारी की खबर आग की तरह पूरे प्रखंड में फैल गई। प्रखंड मुख्यालय में अफरातफरी मच गई। संबंधित विभाग के कुछ कर्मी मौके से भाग निकले। एसीबी टीम ने कनीय अभियंता को प्रखंड कार्यालय लाकर प्रारंभिक पूछताछ की और सभी कागजात जब्त किए। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर दुमका एसीबी कार्यालय ले जाया गया।
पीड़ित भीम राणा और जन्मजय राणा ने कहा "हमारा काम पूरा हो चुका था, लेकिन बिल पास करने के नाम पर जेई साहब बार-बार पैसे मांग रहे थे। मजबूर होकर एसीबी को शिकायत करनी पड़ी। आज वो रंगे हाथ पकड़े गए"।
करौँ प्रखंड विकास पदाधिकारी ऋषि राज ने एसीबी दुमका टीम के आने और कनीय अभियंता संतोष कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
एसीबी अधिकारियों ने कहा कि मनरेगा जैसी गरीब कल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई सरकारी कर्मी या अधिकारी किसी भी काम के लिए रिश्वत मांगे तो तुरंत एसीबी टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।





