ममता हुई शर्मसार ; मंदिर के समीप कचरा पेटी के पास मिली नवजात
• रोने की आवाज ने बचाई जान
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
गोड्डा : कहते हैं मां का रिश्ता दुनिया में सबसे पवित्र और निस्वार्थ होता है। मां अपनी संतान के लिए हर दुख सह लेती है, लेकिन खुद संतान को दुख नहीं दे सकती। 09 महीने कोख में रखकर जन्म देने वाली मां ही जब अपनी ही जिगर के टुकड़े को मरने के लिए कचरे में छोड़ दे, तो यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि ममता के पवित्र रिश्ते पर सबसे बड़ा कलंक है। ऐसी ही दिल को झकझोर देने वाली घटना गोड्डा में सामने आई है।
शहर के सरकंडा स्थित दुर्गा मंदिर के समीप शुक्रवार सुबह उस समय लोगों की रूह कांप गई, जब कचरा पेटी के पास से एक नवजात बच्ची के रोने की आवाज आई। मंदिर में पूजा करने जा रहे श्रद्धालुओं ने पहले समझा कि किसी बिल्ली की आवाज है, लेकिन जब आवाज तेज हुई तो लोगों ने पास जाकर देखा। कपड़े में लिपटी एक मासूम बच्ची कचरे के ढेर के पास पड़ी रो रही थी, जैसे अपनी मां को पुकार रही हो।
बच्ची को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। हर किसी की आंखें नम थीं और जुबान पर एक ही सवाल था कि कैसी मां होगी जिसने इस फूल सी बच्ची को इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना गोड्डा नगर थाना को दी।
सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मानवता का परिचय देते हुए नवजात को गोद में उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची का जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ है। फिलहाल बच्ची स्वस्थ है और डॉक्टरों की निगरानी में है, लेकिन उसकी मासूम आंखें आज भी उस मां को ढूंढ रही हैं, जिसने उसे जन्म देते ही बेसहारा छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पूरे समाज को शर्मसार करती है। जिस मंदिर के पास लोग मन्नत मांगते हैं कि गोद भर जाए, उसी मंदिर के पास एक मां अपनी कोख जायी को कचरा समझ कर फेंक गई।
वहीं दूसरी ओर नगर थाना पुलिस मंदिर और आसपास के घरों में लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि इस मासूम को कौन इस हाल में छोड़ गया। घटना की सूचना के बाद चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति ने बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया है।
लोगों ने पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि इस हृदय विदारक घटना की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि फिर कोई मां अपनी ममता को इस तरह कलंकित न कर सके।



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