देवघर में गूंजी पंकज की कविता: हिमांशु झा के गीत संग्रह का लोकार्पण, साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि.
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
अमित कुमार
देवघर : हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि स्व. रामशंकर मिश्र 'पंकज' की रचनाएं अब नए रूप में पाठकों तक पहुंचेंगी। युवा कवि हिमांशु झा द्वारा संकलित गीत संग्रह 'मुझको अभी जीना है' का लोकार्पण समारोह स्थानीय श्यामा निवास में धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में स्व. पंकज को भावभीनी श्रद्धांजलिठ अर्पित की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री 'राज पलिवार' ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आज जब लोग धीरे-धीरे कवि पंकज को भूल रहे हैं, हिमांशु झा ने उनकी कालजयी रचनाओं को एक संग्रह में पिरोकर उन्हें फिर से जीवंत कर दिया है। यह सराहनीय पहल है।
पुस्तक के मुख्य लोकार्पक तक्षशिला विद्यापीठ के एमडी अशोकानंद झा ने कहा कि सच्चे साहित्यकार निःस्वार्थ भाव से रचना करते हैं। ऐसे साहित्यसेवियों को साधु की संज्ञा दी जा सकती है। उन्होंने हिमांशु झा को भविष्य की लेखनी के लिए प्रोत्साहित करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में विश्वनाथ झा, डॉ. शंकर नाथ झा, उमाशंकर राव उरेन्दू, अमरनाथ झा 'पंकज', प्रो. रामनंदन सिंह, सर्वेश्वर दत्त द्वारी, योगेंद्र झा, निर्मल झा 'मंटू', विनय कृष्ण झा, रविशंकर साह, संजय मिश्र, अरुणानंद झा, चंद्र शेखर खवाड़े, डॉ. शंकर मोहन झा, अधिवक्ता शेखर झा, वार्ड पार्षद शैलजा देवी और वरिष्ठ पत्रकार शम्भू सहाय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक रामसेवक सिंह 'गुंजन' ने किया। पुस्तक के रचयिता हिमांशु झा ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और कवि पंकज की साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।





