देवघर एम्स का द्वितीय दीक्षांत समारोह संपन्न, 173 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
• देवघर 'एम्स' आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बढ़ते अवसरों का प्रतीक :- उप राष्ट्रपति
अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर का द्वितीय दीक्षांत समारोह शनिवार, 10 अक्टूबर को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
यह समारोह संस्थान के लिए चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि भारत के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन रहे। वहीं झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दूबे, राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा और देवघर विधायक सुरेश पासवान सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। समारोह का नेतृत्व देवघर 'एम्स' की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एम. वी. पद्मा श्रीवास्तव और कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) नितिन एम. गांगणे ने किया।
समारोह में कुल 173 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 58 एमबीबीएस, 09 एमडी/एमएस, 95 बीएससी नर्सिंग और 11 एमएससी नर्सिंग के छात्र शामिल हैं।
इस अवसर पर उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा, "Let Knowledge Heal, Research Innovate and Service Inspire" - ज्ञान उपचार करे, अनुसंधान नवाचार करे और सेवा प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि देवघर 'एम्स' संथाल परगना क्षेत्र की आकांक्षाओं का उत्सव है और यह आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बढ़ते अवसरों का प्रतीक है।
उन्होंने स्नातक डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे अपनी दक्षता, करुणा और चरित्र को अपने करियर का मार्गदर्शक सिद्धांत बनाएं और अपने ज्ञान को गांवों, आदिवासी समुदायों और देश के दूरस्थ हिस्सों तक ले जाएं। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी जैसे आदिवासी नायकों के योगदान को याद करते हुए युवाओं से ईमानदारी, सहानुभूति और नैतिक आचरण बनाए रखने को कहा।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 846 हो गए हैं। उन्होंने एम्स देवघर द्वारा मलेरिया उन्मूलन, फाइलेरिया निगरानी, एनीमिया और स्कूल हेल्थ जैसे सामुदायिक कार्यक्रमों की सराहना भी की।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा:-
उपराष्ट्रपति के संबोधन के बाद झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि देवघर 'एम्स' झारखंड के स्वास्थ्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा, "यह संस्थान केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि संथाल परगना के गरीब, आदिवासी और वंचित वर्ग के लिए आशा की किरण है।"
राज्यपाल ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा सबसे पवित्र पेशा है। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की इस पावन धरती से निकले डॉक्टर सेवा भावना के साथ देश की सेवा करें। उन्होंने एम्स प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने कम समय में ही अपनी एक अलग पहचान बनाई है और राज्य सरकार इसके सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा -
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि देवघर 'एम्स' झारखंड के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एम्स के साथ मिलकर संथाल परगना में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और यहां से निकले डॉक्टर गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाएंगे।
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दूबे ने कहा -
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दूबे ने कहा कि देवघर 'एम्स' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है और आज यह संस्थान क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय इलाज दे रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरा दीक्षांत समारोह इस बात का प्रमाण है कि देवघर अब केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा का हब भी बन रहा है।
समारोह ने देवघर 'एम्स' की राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित सक्षम और दयालु स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।






