हाईकोर्ट के आदेश के 12 हफ्ते बाद भी रुका था शिक्षकों का ग्रेड-1 लाभ, अब डीएसई बोले - 03 महीने में हर हाल में भुगतान
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
अमित कुमार
देवघर : झारखंड हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद देवघर के शिक्षकों को रुका हुआ ग्रेड-1 वेतन लाभ अब 03 महीने के अंदर मिल जाएगा।
'रांची एक्सप्रेस' में 12 जून 2026 को छपी खबर का असर दिखा है। खबर छपने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुकर कुमार ने कहा है कि हर हाल में तीन महीने के अंदर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
*हाईकोर्ट ने दिया था 12 हफ्ते का समय*
दरअसल, हाईकोर्ट रांची में डब्ल्यू.पी.(एस)- 3157/2025 के तहत अनिल नाथ मिश्रा, राकेश चंद्र बिहारी लाल झा, ज्ञानेश्वर पंडित और रेणु देवी ने याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि नियुक्ति तिथि से ही उन्हें ग्रेड-1 वेतन का लाभ मिलना चाहिए।
न्यायमूर्ति आनंद सेन की पीठ ने 07 अगस्त 2025 को सुनवाई के बाद अहम आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट पहले ही कई फैसले दे चुका है। रिटायर या मृत कर्मियों को लाभ देने से रोकने वाले प्रावधान को भी खारिज किया जा चुका है। इसलिए 12 हफ्ते के अंदर याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 का लाभ भुगतान किया जाए।
*12 हफ्ते बीत गए, महीनों बीत गए, नहीं हुआ भुगतान*
कोर्ट के आदेश को 12 हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है। महीनों गुजरने के बाद भी शिक्षा विभाग ने कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया। इससे नाराज शिक्षकों ने इसे न्यायालय की 'अवमानना' करार दे दिया था।
'रांची एक्सप्रेस' ने 12 जून 2026 को इस लापरवाही को प्रमुखता से उठाया था।
*खबर के बाद हरकत में आया विभाग*
खबर प्रकाशित होते ही जिला शिक्षा विभाग हरकत में आया। देवघर डीएसई 'मधुकर कुमार' ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी कागजात और गणना पूरी कर ली गई है। अब फाइल फाइनल स्टेज में है। हर हाल में 03 महीने के अंदर शिक्षकों के खाते में एरियर समेत ग्रेड-1 का लाभ ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
*शिक्षकों ने राहत की सांस ली*
डीएसई 'मधुकर कुमार' के इस बयान के बाद देवघर के सैकड़ों शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। शिक्षक संघ के नेताओं का कहना है कि अगर 03 महीने में भुगतान नहीं हुआ तो वे फिर से कोर्ट जाएंगे और 'अवमानना याचिका' दायर करेंगे।
अब देखना होगा कि हाईकोर्ट के आदेश और मीडिया के दबाव के बाद शिक्षा विभाग अपने वादे पर कितना खरा उतरता है।





