रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
अमित कुमार
देवघर : देवघर नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब बाबा नगरी की सूरत बिगाड़ रही है। हड़ताल के तीसरे दिन से ही शहर के मुख्य चौक-चौराहे कचरे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। तीर्थयात्रियों की नगरी में गंदगी का आलम देख श्रद्धालु भी नाराज हैं।
शहर के सबसे व्यस्त झरना चौक और पुराने प्राइवेट बस स्टैंड वाली सड़क पर कदम रखना मुश्किल हो गया है। देवघर-सारठ मुख्यमार्ग के किनारे कचरा बिखरा पड़ा है। सड़क के बीचों-बीच पॉलीथिन, पत्ते और कचरे का अंबार लगा है, जिस पर पैर रखकर लोग आवागमन कर रहे हैं।
लक्ष्मी मार्केट से मंदिर जाने वाले रास्ते की स्थिति भी बदतर है। चारों तरफ कूड़े का ढेर और दुर्गंध से लोग नाक बंद कर निकलने को मजबूर हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी में ये नजारा देखकर मन खिन्न हो जाता है।
*'कचरा जानबूझकर फेंका गया' - दुकानदारों का आरोप*
देवघर-सारठ रोड के किनारे दुकान लगाने वाले फुटकर विक्रेताओं का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर रात में कचरे को सड़क पर फेंक दिया। मना करने पर उन्होंने कहा - "जिला प्रशासन हमसे काम करवाता है लेकिन वेतन समय पर नहीं देता। पीएफ-ईपीएफ का पैसा भी बकाया है। आप लोग चुप रहिए"।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ये निगम कार्यालय के प्रति सफाई कर्मियों के आक्रोश का नतीजा है। हड़ताल पर गए कर्मियों ने हाल ही में जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए रैली भी निकाली थी।
*वार्ता फेल, समाधान दूर*
देवघर नगर निगम की उप महापौर 'टीप चटर्जी' ने बीते शुक्रवार को हड़ताली कर्मचारी नेताओं से वार्ता की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। सफाई कर्मी अपनी मांगों पर अड़े हैं - समय पर वेतन, बकाया पीएफ-ईपीएफ और स्थायीकरण।
जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, कर्मियों ने काम पर लौटने से इनकार कर दिया है। नतीजतन शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
लोगों का कहना है कि देवघर जैसे अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल में सफाई कर्मियों की हड़ताल वाजिब नहीं। रोजाना हजारों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम आते हैं। ऐसे में सड़कों पर फैली गंदगी न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि आने वाले भक्तों के लिए भी परेशानी का सबब बन गई है।
शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन और हड़ताली कर्मियों के बीच जल्द सहमति बने, वर्ना कचरे का ये अंबार बीमारियों को भी दावत देगा।






