“हर हाथ बने जीवनरक्षक: एल. बी. एस.एम. महाविद्यालय में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस/ सीपीआर) प्रशिक्षण
जमशेदपुर, 19 अगस्त 2026
आज एल. बी. एस. एम. कॉलेज के मल्टीपरपस हॉल में महाविद्यालय के एन. एस. एस. (गर्ल्स/बॉयज़ यूनिट) और टाटा स्टील फाउंडेशन इंपैक्ट क्लस्टर, नामदा सेंटर के संयुक्त तत्वावधान मे बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस/ सीपीआर) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा, टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रशिक्षक डॉ. बरणाली मुखर्जी, धर्मेंद्र कुमार और उनकी टीम, एन. एस. एस. कॉर्डिनेटर प्रो. रितु,प्रो. अरविंद पंडित, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुधीर, डॉ. संतोष, डॉ. रानी और डॉ. प्रशांत साथ ही शिक्षकगण एवं लगभग 245 विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आकस्मिक चिकित्सा परिस्थितियों में सीपीआर, कार्डियक अरेस्ट तथा चोकिंग जैसी आपात स्थितियों में तत्काल प्राथमिक सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक जीवनरक्षक कौशल से परिचित कराना था।
एन. एस. एस. कॉर्डिनेटर प्रो. रितु ने सर्वप्रथम कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा, मुख्य प्रशिक्षक डॉ. बरणाली मुखर्जी, टाटा स्टील फाउंडेशन इंपैक्ट क्लस्टर, नामदा सेंटर के प्रतिनिधियों, सम्मानित शिक्षकगण एवं प्रिय विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियाँ बिना किसी पूर्व सूचना के कभी भी उत्पन्न हो सकती हैं और ऐसे समय में सही जानकारी एवं त्वरित सहायता किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
प्रशिक्षक डॉ. बरणाली मुखर्जी ने विद्यार्थियों को सीपीआर की व्यावहारिक जानकारी लाइव डीमोंनेस्ट्रेसन और पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिया। उन्होंने समझाया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होकर प्रतिक्रिया न देने और सामान्य रूप से सांस न लेने की स्थिति में सबसे पहले स्थिति का आकलन कैसे किया जाए, सहायता के लिए कैसे संपर्क किया जाए तथा सीपीआर किस प्रकार सही तकनीक से किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने चोकिंग की स्थिति में वयस्क व्यक्ति को प्राथमिक सहायता देने की तकनीक का भी प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को सही हाथों की स्थिति, शरीर की मुद्रा, चेस्ट कंप्रेशनस की प्रक्रिया तथा आपातकालीन सहायता मिलने तक अपनाए जाने वाले आवश्यक कदमों को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।
अध्यक्षीय वक्तव्य में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, सामाजिक जीवन में व्यावहारिक ज्ञान बहुत जरूरी है। इसका व्यावहारिक ज्ञान जरूरी है कि हमारे आसपास किसी के जीवन पर अचानक कोई संकट आ जाए या कोई दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, तो उसे बचाने के लिए तत्काल क्या उपाय किया जाए। उन्होंने चरक संहिता, आयुर्वेद और परंपरागत आदिवासी चिकित्सा के महत्त्व की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की जो वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, उसके माध्यम से क्या सकारात्मक किया जा सकता है, आज के कार्यक्रम का यही उद्देश्य है।
कार्यक्रम का मंच संचालन महाविद्यालय एन एस एस बॉयज़ यूनिट के कॉर्डिनेटर प्रो. अरविंद प्रसाद पंडित एवं टाटा स्टील फाउंडेशन इंपैक्ट क्लस्टर, नामदा सेंटर के एसोसिएट धर्मेंद्र ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए प्रशिक्षक एवं अतिथियों का परिचय कराया।
कार्यक्रम के अंत में कॉमर्स विभाग की डॉ. रानी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राचार्य, प्रशिक्षक, एन एस एस टीम, नामदा सेंटर, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की।
मौके पर लगभग 245 विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बीएलएस / सीपीआ रएवं आपातकालीन प्राथमिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।






