जमशेदपुर/पटमदा: पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी से नाराज स्कूली विद्यार्थियों ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उत्क्रमित उच्च विद्यालय चौरा के दर्जनों छात्रों ने पटमदा बाजार स्थित सिदो-कान्हू चौक के पास टाटा-पटमदा मुख्य सड़क को करीब दो घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थियों का कहना था कि विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासकर बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर चिंता जताई। छात्रों ने विद्यालय में पदस्थापित कुछ शिक्षकों को दूसरे कार्यों या संस्थानों में प्रतिनियुक्त किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनकी मांग थी कि प्रतिनियोजन की व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए शिक्षकों को विद्यालय में वापस लाया जाए, ताकि पढ़ाई नियमित रूप से चल सके। रिपोर्टों के अनुसार, विद्यालय में बैठक के बाद विद्यार्थी करीब सात किलोमीटर की दूरी तय कर पटमदा बाजार पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सिदो-कान्हू चौक पर सड़क पर बैठकर विरोध शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षकों की व्यवस्था करने और प्रतिनियोजन से जुड़े फैसले वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी की। काफी देर तक सड़क पर प्रदर्शन जारी रहने से मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। सड़क जाम की जानकारी मिलने के बाद पटमदा थाना पुलिस के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी ने छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। हालांकि, छात्र केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं थे। वे शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर लिखित भरोसा चाहते थे। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से तत्काल शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया गया। वार्ता के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यालय में पढ़ाई सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया। रिपोर्ट के अनुसार, एक बायो-साइंस शिक्षिका को सप्ताह में तीन दिन और एक हिंदी शिक्षिका को सप्ताह में दो दिन विद्यालय में प्रतिनियुक्त करने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा एसआईआर से जुड़े कार्य में लगाए गए शिक्षक काजल साहा को विद्यालय में योगदान देकर पढ़ाई कराने और उसके बाद संबंधित प्रशासनिक कार्य करने को लेकर भी लिखित निर्देश दिए गए। छात्रों और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद जब शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर लिखित आश्वासन मिला, तब विद्यार्थियों ने सड़क से हटने का फैसला किया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद जाम समाप्त हुआ और टाटा-पटमदा मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य होने लगी। छात्रों के प्रदर्शन का एक बड़ा कारण आगामी मैट्रिक परीक्षा को लेकर उनकी चिंता भी बताई गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के महत्वपूर्ण समय में विषयवार शिक्षकों की कमी होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अब शिक्षा विभाग के सामने चुनौती यह है कि किए गए आश्वासन को समय पर लागू किया जाए और विद्यालय में नियमित पठन-पाठन के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं। पटमदा में छात्रों का सड़क पर उतरना ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़ी समस्या को सामने लाता है। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल शिक्षकों की व्यवस्था का भरोसा दिया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर इस बात पर रहेगी कि विभाग द्वारा दिया गया आश्वासन जमीन पर कितनी जल्दी लागू होता है।शिक्षकों की कमी को लेकर नाराजगी
सात किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे प्रदर्शन स्थल
मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी
तीन शिक्षकों की तत्काल व्यवस्था का आश्वासन
लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
बोर्ड परीक्षा से पहले पढ़ाई को लेकर चिंता
निष्कर्ष
पटमदा में शिक्षकों की कमी पर छात्रों का प्रदर्शन, दो घंटे सड़क जाम के बाद मिला आश्वासन


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