जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण किया। गिन्नी बाई धर्मशाला स्थित मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक में किए गए इस निरीक्षण के दौरान तीन स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति को लेकर सख्ती के संकेत दिए हैं। सिविल सर्जन के निर्देश पर शहरी स्वास्थ्य प्रबंधन इकाई की टीम ने मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के साथ कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों को मिल रही सेवाओं की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हर्ष कुमार, आयुष चिकित्सक डॉ. साहिबा फरहत और लैब टेक्नीशियन तपन कुमार अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण टीम में सिटी अर्बन हेल्थ मैनेजर सुमन कुमार मंडल और शहरी डाटा प्रबंधक दीपक कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने स्थानीय लोगों से स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाली सेवाओं को लेकर फीडबैक भी लिया। कुछ स्थानीय लोगों ने चिकित्सकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति नहीं होने की शिकायत की। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी की उपस्थिति नियमित नहीं रहती और कभी-कभी महीने में सीमित दिनों पर ही केंद्र में आने की बात कही गई। हालांकि, इन शिकायतों की वास्तविकता और उपस्थिति रिकॉर्ड की स्थिति की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की नियमित उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को चिकित्सा सेवा लेने में दिक्कत होती है। खासकर ऐसे मरीज जो इलाज या जांच के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं, उनके लिए डॉक्टर और तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति परेशानी का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान में निर्धारित समय के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल ने जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निर्धारित समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्धारित ओपीडी अवधि में अपने संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में उपस्थित रहकर मरीजों को सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इस कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि स्वास्थ्य विभाग जिले के सरकारी और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपस्थिति पर निगरानी बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों का भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है। ऐसी निगरानी का उद्देश्य केवल अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को तय समय पर डॉक्टर, जांच और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध हों। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्धारित समय में डॉक्टर या कर्मचारी लगातार अनुपस्थित मिलते हैं अथवा मरीजों को सेवा प्राप्त करने में परेशानी होती है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। इससे विभाग को वास्तविक स्थिति की निगरानी करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। जुगसलाई के मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक में हुए औचक निरीक्षण ने कर्मचारियों की उपस्थिति और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी का मुद्दा सामने ला दिया है। तीन स्वास्थ्यकर्मियों के अनुपस्थित मिलने के बाद विभाग ने नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के बाद विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है और स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं में कितना सुधार आता है।औचक निरीक्षण में सामने आई अनुपस्थिति
स्थानीय लोगों ने भी रखी अपनी शिकायत
मरीजों को परेशानी की शिकायत
विभाग ने दिए नियमित उपस्थिति के निर्देश
आगे और भी हो सकती है निगरानी
शिकायत मिलने पर सूचना देने की अपील
निष्कर्ष
जुगसलाई के स्वास्थ्य केंद्र में औचक जांच, तीन कर्मचारी मिले अनुपस्थित; कार्रवाई के संकेत


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