‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संदेश देंगे श्यामल मंडल, पौधे लगाने के साथ संरक्षण पर भी जोर,
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के माध्यम से ज्ञान रेणु विद्या निकेतन के निदेशक श्यामल मंडल लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक करने का संदेश देंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करने की अपील की।
श्यामल मंडल ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन का आधार हैं। ये न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्रदूषण कम करने और पृथ्वी को हरा-भरा रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन को देखते हुए पौधरोपण के साथ-साथ पेड़ों का संरक्षण भी बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी। अक्सर लोग पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखभाल नहीं करते। ऐसे में पौधों के सूखने की आशंका बनी रहती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधा लगाने के साथ उसकी सिंचाई, सुरक्षा और उचित देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए।
श्यामल मंडल ने विद्यालयों में बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। यदि नई पीढ़ी पर्यावरण के महत्व को समझेगी, तो भविष्य में पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति उसकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधरोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां के प्रति सम्मान व्यक्त करने और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेने का अवसर है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए।
श्यामल मंडल ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से इस अभियान को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित कर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित पर्यावरण का निर्माण किया जा सकता है।






