चहुंमुखी विकास की दिशा तय करती है जनगणना:- प्रधानाध्यापक
सदर मेदिनीनगर प्रखंड अंतर्गत रजवाडीह मध्य विद्यालय में जनगणना-2027 में जन भागीदारी के लिए जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी,शिक्षिका श्रीमती निशा,प्रियंका कुमारी,पूनम रानी,शिक्षक विजय कुमार ठाकुर व लैब इंस्टेक्टर अनूप कुमार मिश्रा ने बच्चों को जनगणना की आवश्यकता व इसके महत्त्व से अवगत कराया। इस मौके पर प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी ने कहा कि जनगणना सिर्फ गिनती नहीं है। इसके माध्यम से डाटा संग्रह व उसका विश्लेषण,संसाधनों की उपलब्धता व आवश्यकता का रेखांकन तथा जीवन स्तर में सुधार की जरूरतों की पड़ताल की जाती है। फिर इसके माध्यम से देश की चहुंमुखी आर्थिक व सामाजिक विकास की दिशा तय की जाती है। श्री तिवारी ने बताया कि झारखंड में प्रथम चरण में 01 में 15 मई 2026 तक 'नागरिक आधिकारिक पोर्टल' के माध्यम से स्व-गणना किया जा सकेगा। आगे 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर डिजिटल तरीके से 'एचएलओ एप' के जरिये मकान सूचीकरण करेंगे। इस दौरान तैंतीस बिन्दुओं पर सूचनाओं का संग्रहण किया जायेगा। श्री तिवारी ने बताया कि यदि कोई आधार संख्या,बैंक विवरणी,पैन नंबर व ओटीपी मांगें तो सावधान हो जायं,ये सूचनाएं कतई न दें। जनगणना के लिए क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र धारक 'प्रगणक' होंगे जो नियमानुसार कार्य करेंगे। प्रधानाध्यापक ने बच्चों से कहा कि वे इन सब बातों व सावधानियों से अपने परिवार को अवगत करायें। कहा कि जनगणना में सभी भागीदारी सुनिश्चित कर देश के प्रति अपना जिम्मेदारी निभायें। फरवरी 2027 में द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना होगी।






