एनपीयू कुलपति को पद से हटाने की मांग, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यपाल को लिखा पत्र
मेदिनीनगर: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर झारखंड सरकार के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यपाल सह कुलाधिपति को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिन्हा को तत्काल पद से मुक्त करने की मांग की है।
वित्त मंत्री ने पत्र में कहा है कि विश्वविद्यालय में व्याप्त वित्तीय भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने को लेकर पूर्व में राज्यपाल को 28 मार्च 2025 और 31 दिसंबर 2025 को पत्र दिया गया था। इसके बाद राज्यपाल के निर्देश पर वित्त विभाग, झारखंड सरकार के अंकेक्षण निदेशालय द्वारा जांच की गई। पत्र में अंकेक्षण प्रतिवेदन का हवाला देते हुए करोड़ों रुपये के कथित गबन और दुर्विनियोग का मामला सामने आने की बात कही गई है।
पत्र के अनुसार, परीक्षा कार्यों के संचालन के मद में करीब 2.50 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान का उल्लेख अंकेक्षण प्रतिवेदन में किया गया है। इसके अलावा कुलपति की नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन तथा बार-बार अवधि विस्तार से जुड़े मामलों का भी प्रतिवेदन में उल्लेख होने की बात कही गई है।
वित्त मंत्री ने अक्टूबर 2025 में आयोजित तृतीय दीक्षांत समारोह के खर्च को लेकर भी सवाल उठाया है। पत्र के मुताबिक समारोह के लिए 79.35 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था, लेकिन राज्यपाल सचिवालय से बजट की स्वीकृति के बिना राशि खर्च कर दी गई। वहीं वर्ष 2021-22 में डिजिटल बोर्ड की खरीद के लिए प्राप्त 80 लाख रुपये के आवंटन को PL खाते में रखे जाने और बिना पुनर्विनियोजन के राशि खर्च किए जाने को भी वित्तीय प्रबंधन के नियमों के विरुद्ध बताया गया है।
पत्र में कहा गया है कि अंकेक्षण प्रतिवेदन के आलोक में राज्यपाल द्वारा कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर अगले आदेश तक रोक लगाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही, पत्र में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कुलपति के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने के करीब पांच घंटे के भीतर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार का स्थानांतरण कर किसी अन्य व्यक्ति को रजिस्ट्रार नियुक्त कर दिया गया।
वित्त मंत्री ने आशंका जताई है कि कुलपति के पद पर बने रहने के दौरान उनके विरुद्ध पाए गए साक्ष्यों अथवा महत्वपूर्ण अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसी आधार पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यपाल से तत्काल प्रभाव से डॉ. दिनेश कुमार सिन्हा को कुलपति पद से मुक्त करने की मांग की है, ताकि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से हो सके और उपलब्ध साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो।






