पलामू के मातृभाषा मगही भोजपुरी के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करना हेमंत सोरेन को भरी पड़ेगा
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित कुमार तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति कर जारी कर कहा है कि झारखंड की हेमंत सोरेन की दिशाहीन और जन विरोधी सरकार है वह पलामू के छात्र नौजवान युवाओं के मन भावन के साथ खेलने का काम कर रही है जो बहुत ही खतरनाक होगा । हेमंत सोरेन झारखंड में फीलिंग की बातें आगे बढ़कर यहां के लोगों को गुमराह करना चाह रहे हैं और झारखंड की गिरती हुई शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार जिस प्रकार से समाप्त हो रहे हैं उसके कारण नौजवानों में व्यापक आक्रोश है । इस आक्रोश का व्यापक रूप से प्रतिकार पलामू के छात्र नौजवान सड़क पर उतरकर करेंगे । पलामू के भाषा के साथ जिस प्रकार से हेमंत सोरेन लुका छुपी का खेल खेल रहे हैं फर्जी प्रतिनिधिमंडल बना रहे हैं और प्रतिनिधिमंडल बनाकर छात्रों के नौजवानों के मन भावन के साथ खेलने का काम कर रहे हैं आज छात्र नवाज नौजवानों के बीच में व्यापक आक्रोश है । पलामू के हर कोने में हर समाज के लोगों के बीच में जाकर भारतीय जनता पार्टी यहां के भाषा के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है उसको बेनकाब करने का काम करेगी । हम सब पलामू के छात्र नौजवान हेमंत सोरेन से पूछना चाहते हैं कि आप जिस भाषा को पलामू के क्षेत्रीय भाषा के रूप में दर्जा देने की बात कर रहे हैं कितने स्कूलों में कितने प्लस टू में कितने कॉलेज में भाषा पढ़ाई जा रही है और जब यहां के छात्र नौजवानों को उस भाषा के बारे में कोई जानकारी नहीं होगा तो किस आधार पर यहां के छात्र नौजवान परीक्षा को पास करेंगे । हेमंत सरकार और हेमंत सरकार के जन्म विरोधी मंत्रियों के विरुद्ध खुलकर सड़क पर प्रतिकार किया जाएगा और पलामू प्रमंडल के हर एक कोनों में कोने में सैकड़ो हजारों छात्र नौजवान बुद्धिजीवी ,व्यवसाई ,किसान , मजदूर के बीच जाकर विचार मंथन करते हुए एक बड़े जन्म आंदोलन की तरह भाषा विवाद को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है । निज भाषा के अधिकार के लिए समाज के हर वर्ग के बीच में जाकर एक बड़ा जन आंदोलन के रूप में इस भाषा की अस्मिता बचाने का काम करने का प्रयास भारतीय जनता पार्टी करेगी । पलामू के भाषा के साथ खेलना मगही , भोजपुरी को हटाना झारखंड सरकार को बहुत महंगा पड़ने वाला है । भारतीय जनता पार्टी हजारों हजार नौजवान शिक्षाविद बुद्धिजीवियों के बीच में जाकर मगही, भोजपुरी के सवाल पर संवाद करते हुए सड़क से सदन तक बड़े आंदोलन की ओर आगे बढ़ेगी ।





