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एमएमसीएच पलामू की बदहाल व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई हो : हृदयानंद मिश्र


मेदिनीनगर, पलामू। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कोऑर्डिनेशन कमिटी के सदस्य एवं अधिवक्ता हृदयानंद मिश्र ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच), पलामू की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से संचालित इस महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान की वर्तमान स्थिति आम जनता के लिए अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर मरीजों के लिए समुचित बेड, चादर, पंखा, व्हीलचेयर तथा बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर से सामने आ रही तस्वीरें और शिकायतें यह दर्शाती हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में गंभीर कमियां मौजूद हैं।
श्री मिश्र ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि अस्पताल के विभिन्न विभागों में अनुभवी चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल से जिस स्तर की सेवाओं की अपेक्षा की जाती है, वहां मरीजों को उसके अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का सीधा असर गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों पर पड़ता है। पलामू, गढ़वा और लातेहार सहित आसपास के जिलों की बड़ी आबादी एमएमसीएच पर निर्भर है। ऐसे में अस्पताल की अव्यवस्था लाखों लोगों के स्वास्थ्य अधिकारों को प्रभावित कर रही है।
हृदयानंद मिश्र ने झारखंड सरकार, स्वास्थ्य मंत्री, पलामू प्रमंडल के आयुक्त तथा पलामू उपायुक्त से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल की समग्र व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराने, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पदों को भरने तथा सभी आवश्यक चिकित्सा एवं आधारभूत सुविधाओं को अविलंब उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों का उद्देश्य लोगों को जीवन देना है, न कि उन्हें असुविधा और असुरक्षा के वातावरण में छोड़ देना। सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी मरीज की जान केवल व्यवस्था की खामियों के कारण संकट में न पड़े।
श्री मिश्र ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जनता का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से विश्वास कमजोर होगा, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर विषय पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एमएमसीएच की व्यवस्था में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करेंगे।