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तीन साल बाद जीवित मिली दहेज हत्या की पीड़िता, हरिहरगंज थाना पुलिस अनुसंधान में चौंकाने वाला किया खुलासा




हरिहरगंज थाना कांड संख्या 48/24 में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मारपीट, दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोपों से जुड़े इस मामले में अनुसंधान के दौरान जिस महिला को मृत बताकर उसके ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया गया था, वह करीब तीन साल बाद जीवित मिली है। पुलिस के अनुसार, महिला के महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में रहने की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद मामले के आरोपियों को राहत मिलने की बात सामने आई है। इस संबंध में हरिहरगंज पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार ने बुधवार को बताया कि पलामू एसपी कपिल चौधरीऔर छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के निर्देश पर तकनीकी शाखा की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर यह खुलासा किया गया। बताया गया कि खड़गपुर निवासी राम प्रवेश मेहता ने अपनी पुत्री कविता मेहता की दहेज में कार नहीं दिए जाने के कारण प्रताडित कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए बीते 4 अक्टूबर 2023 को दिल्ली के मंडावाली थाना में मामला दर्ज कराया था। बाद में डालटनगंज न्यायालय के निर्देश पर हरिहरगंज थाना में कांड 48/24 दर्ज किया गया था। जिसमें बिहार के औरंगाबाद जिले के रिसियप थाना क्षेत्र अंतर्गत नेऊरा गांव निवासी कविता मेहता के पति विनय मेहता, ससुर मुद्रिका मेहता, सास पार्वती देवी और देवर शिवशंकर मेहता को आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, अनुसंधान के दौरान यह जानकारी सामने आई कि शादी के कुछ ही दिनों बाद कविता मेहता घर छोड़कर दिल्ली में अपने पति विनय मेहता के पास चली गई थी। इसके बाद उसकी काफी खोजबीन की गई। मोबाइल फोन बंद रहने और कोई पता नहीं चलने के कारण उसके पिता ने बीते 4 अक्टूबर 2023 को दिल्ली के मंडवाली थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले के अनुसंधान के क्रम में पुलिस को महिला के महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याणपुर-शिला रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत मानगांव ललित पट्टा बिहार कॉलोनी में रहने की जानकारी मिली, जहां उसके जीवित होने की पुष्टि हुई।
महिला के जीवित मिलने से मामले में नया मोड़ आ गया है, जिस मामले में ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, उसमें अब अनुसंधान के निष्कर्षों के आधार आरोप झूठा साबित हुआ।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में लड़की के माता पिता ने शपथ पत्र देकर केस वापस ले लिया है। पुलिस शपथ पत्र के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।