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आंध्र प्रदेश में डीजल भरने के दौरान भीषण अग्निकांड, सात लोगों की मौत; तीन वाहन जलकर राख


आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले में सड़क निर्माण स्थल पर डीजल स्थानांतरित करने के दौरान हुए भीषण अग्निकांड में सात लोगों की जान चली गई। यह दर्दनाक हादसा शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को अनंतगिरि मंडल के पीचुमामिडी गांव के पास हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।

डीजल भरने के दौरान लगी आग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनों और वाहनों के लिए डीजल की आपूर्ति की जा रही थी। निर्माण स्थल मुख्य इलाके से काफी दूर होने के कारण ईंधन ड्रमों में भरकर लाया जाता था। शनिवार सुबह जब पिकअप वाहन से दूसरे वाहन में डीजल स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक आग लग गई।

पुलिस के मुताबिक, आग लगने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और देखते ही देखते भीषण लपटें उठने लगीं। आग की चपेट में एक डंपर ट्रक और पास खड़ा दोपहिया वाहन भी आ गया। हादसे में तीनों वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।

सात लोगों की गई जान

इस दुर्घटना में कुल सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में एक 44 वर्षीय सरकारी स्कूल शिक्षिका और दूसरे राज्यों से आए श्रमिक भी शामिल थे। हादसे में जान गंवाने वालों में बिहार के एक जेसीबी ऑपरेटर का नाम भी सामने आया है। घटना ने स्थानीय लोगों और निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे गए। अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपने की व्यवस्था की।

शुरुआती जांच में क्या सामने आया?

जिला पुलिस अधीक्षक अमित बरदार के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना का कारण ईंधन स्थानांतरित करते समय लगी आकस्मिक आग माना जा रहा है। आशंका है कि डीजल भरने की प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त सुरक्षा सावधानियां नहीं बरती गई होंगी। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और विस्फोटक सामग्री से जुड़ी आशंकाओं की भी जांच की। शुरुआती जांच में जिलेटिन जैसे विस्फोटकों के इस्तेमाल के संकेत नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के जरिए घटनाक्रम और दुर्घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा।

मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता

जिला प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सहायता देने की घोषणा की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के ठेकेदार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पात्र परिवारों को संबंधित बीमा नियमों के तहत सहायता दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

ईंधन सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे ने सड़क निर्माण स्थलों पर ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण और इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीजल जैसे ईंधन को एक वाहन से दूसरे वाहन में स्थानांतरित करते समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होता है। निर्माण स्थलों पर आग बुझाने के उपकरण, सुरक्षित ईंधन भंडारण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है।

आंध्र प्रदेश की इस घटना में सात लोगों की मौत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ईंधन प्रबंधन में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता मृतकों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है।