छतरपुर , पंचम कुमार,पत्रकार
जनहित एवं सामाजिक सरोकारों का शुभचिंतक ने छतरपुर की लचर बिजली व्यवस्था पर कहा की समस्या केवल बिजली की नहीं, हमारी चुप्पी की भी है। कुछ लोग लगातार आवाज उठाते हैं, आवेदन देते हैं, सोशल मीडिया पर लिखते हैं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हैं। लेकिन अधिकांश लोग यह सोचकर चुप रहते हैं कि "कोई न कोई तो बोल ही रहा है, मुझे क्या जरूरत है ?"
याद रखिए, जनहित के मुद्दे कुछ लोगों के नहीं, हम सभी के होते हैं। जिस दिन हर नागरिक अपनी सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के लिए आवाज उठाने लगेगा, उस दिन व्यवस्था को भी जवाब देना पड़ेगा।
लोकतंत्र में जागरूक नागरिक सबसे बड़ी ताकत होता है। यदि आपको भी बिजली की समस्या है तो सिर्फ शिकायत मत कीजिए, अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखिए, जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाइए और जनहित की आवाज का हिस्सा बनिए।
आपकी एक आवाज छोटी लग सकती है, लेकिन हजारों आवाजें मिलकर बदलाव का आधार बनती हैं।






