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रामगढ़ में जलाशयों को लेकर प्रशासन अलर्ट, रजरप्पा में भेड़ा-दामोदर का बढ़ा जलस्तर


रामगढ़। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बारिश के कारण डैम, जलाशयों, नदियों और अन्य जलस्रोतों में पानी का स्तर और बहाव बढ़ रहा है। प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों से ऐसे स्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा है।

डैम और जलाशयों के पास जाने से बचने की अपील

प्रशासन के अनुसार लगातार बारिश के कारण पतरातू डैम, भैरवा जलाशय सहित जिले के कई जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ रहा है। पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद अचानक इसमें तेजी आ सकती है। इसी को देखते हुए लोगों से डैम, गहरे तालाब, नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

प्रशासन ने खास तौर पर बच्चों को जलस्रोतों के आसपास नहीं जाने देने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान पानी की गहराई और बहाव का सही अनुमान लगाना मुश्किल होता है, इसलिए केवल देखने या फोटो लेने के लिए भी जोखिम वाले स्थानों पर जाना खतरनाक हो सकता है।

रजरप्पा में भेड़ा और दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश का असर रजरप्पा क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। मां छिन्नमस्तिका मंदिर क्षेत्र के पास भेड़ा और दामोदर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की सूचना है। दोनों नदियों के संगम क्षेत्र में पानी का बहाव तेज हुआ है और निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने की स्थिति बनी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रजरप्पा क्षेत्र में लगातार करीब तीन दिनों की तेज बारिश के बाद दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ा। नदी के किनारे स्थित कुछ हिस्सों में पानी का दबाव बढ़ा है। ऐसे हालात में प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की है।

मंदिर क्षेत्र में पूजा जारी

भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के बावजूद रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना जारी रहने की जानकारी है। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

विशेष रूप से नदी के संगम, घाट और निचले इलाकों में पानी का स्तर तेजी से बदल सकता है। इसलिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की है।

अधिकारियों को निगरानी के निर्देश

जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को जलस्रोतों के आसपास की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए सतर्क करने को कहा गया है।

रामगढ़ जिला प्रशासन की आधिकारिक आपदा प्रबंधन व्यवस्था में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।

दामोदर नदी को लेकर दूसरे क्षेत्रों में भी सतर्कता

दामोदर नदी में बढ़ते पानी को लेकर आसपास के इलाकों में भी सावधानी बरती जा रही है। इसी बारिश के दौरान तेनुघाट डैम के छह रेडियल गेट खोले जाने और करीब 9,710 क्यूसेक पानी दामोदर नदी में छोड़े जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इसके बाद नदी तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

इससे यह साफ है कि लगातार बारिश के दौरान नदी और डैम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ घूमने या धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लोगों के लिए भी सावधानी बेहद जरूरी है।

लोगों से क्या अपील की गई?

प्रशासन की सलाह के अनुसार लोगों को—

  • डैम और जलाशयों के किनारे जाने से बचना चाहिए।

  • तेज बहाव वाली नदियों और घाटों से दूरी रखनी चाहिए।

  • बच्चों को अकेले जलस्रोतों के पास नहीं जाने देना चाहिए।

  • पानी का स्तर कम दिखाई देने पर भी नदी में उतरने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।

  • बारिश के दौरान सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए खतरनाक स्थानों पर नहीं जाना चाहिए।

  • स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

आगे भी निगरानी जारी

लगातार बारिश के बीच प्रशासन जलाशयों और नदियों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले समय में बारिश और जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी के आधार पर जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। ऐसे में लोगों से किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय प्रशासन की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।

निष्कर्ष: रामगढ़ में भारी बारिश के कारण जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने के बीच प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोगों को डैम, जलाशयों और तेज बहाव वाली नदियों से दूर रहने की सलाह दी है। रजरप्पा में भेड़ा और दामोदर के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

कॉपीराइट नोट: यह खबर स्वतंत्र शब्दों और नए वाक्य-विन्यास में तैयार की गई है। किसी स्रोत की सामग्री को लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। समाचार में इस्तेमाल होने वाली फोटो, वीडियो या ग्राफिक्स के अधिकार अलग से सुनिश्चित करना आवश्यक है।