एसआईआर में हजारों दलित-आदिवासी मतदाताओं का नाम काटने की साजिश:- रणधीर सिंह
• सारठ विधानसभा में धांधली का आरोप, बोले- एक भी नाम कटा तो चुनाव आयोग से करेंगे शिकायत
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
सारठ (देवघर) - भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य में बड़े पैमाने पर धांधली और हजारों दलित-आदिवासी मतदाताओं का नाम काटने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि एक भी योग्य मतदाता का नाम कटा तो वे चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे।
रविवार को अपने शहरजोरी स्थित आवास पर प्रेसवार्ता में रणधीर सिंह ने कहा कि एसआईआर में लगे अधिकारी झारखंड सरकार के दबाव में गलत काम कर रहे हैं। योग्य मतदाताओं का नाम हटाया जा रहा है और फर्जी तरीके से गलत मतदाताओं का नाम जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सारठ विधानसभा क्षेत्र के सारठ, पालोजोरी और करों प्रखंड की कई पंचायतों में धांधली हो रही है। शिफ्टिंग मतदाताओं के लिए ऑफलाइन फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पालोजोरी प्रखंड के पहरुडीह पंचायत में मुखिया द्वारा प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए मतदाताओं से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है, जिसकी शिकायत बीडीओ और सीओ से की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
पूर्व मंत्री ने बताया कि सारठ प्रखंड के नैयाडीह दलित टोला, चरकमारा दलित टोला, खम्हार, पहरीडीह समेत कई गांवों में सैकड़ों वर्षों से जंगल, गोचर, परती कदीम और पतित भूमि पर बसे दलित-आदिवासी परिवारों का नाम 2003 की मतदाता सूची में है, फिर भी उन्हें नोटिस देकर अनमैप्ड बताकर हटाया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन गरीब परिवारों से जमीन का पर्चा, आवासीय, जाति, वंशावली जैसे कागजात मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास नहीं हैं। इससे करीब 10 हजार मतदाताओं का नाम कटने की आशंका है।
रणधीर सिंह ने कहा कि उन्होंने इसकी जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दे दी है और राज्य निर्वाचन आयोग से लिखित शिकायत करेंगे। उनकी मांग है कि एक भी योग्य मतदाता का नाम न कटे। यदि कोई विसंगति है तो 2003 की मतदाता सूची के आधार पर उनका नाम पुनः जोड़ा जाए।






