• आधा वित्तीय वर्ष बीता पर नहीं भेजी गई राशि
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
पालोजोरी (देवघर) : प्रखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के निवाले पर आफत आ गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लगभग आधे समय बीत जाने के बाद भी एमडीएम (मध्याह्न भोजन) मद की राशि स्कूलों को नहीं भेजी गई है। यह स्थिति सिर्फ पालोजोरी की नहीं, बल्कि पूरे देवघर जिले की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार एमडीएम की राशि सीधे स्कूलों की सरस्वती वाहिनी माता समिति के खाते में भेजी जाती है, जो इस बार अब तक नहीं भेजी गई है। इससे स्कूल प्रबंधन को मध्याह्न भोजन चलाने में भारी परेशानी हो रही है। कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर यही स्थिति रही तो जल्द ही बच्चों को बिना भोजन कराए ही स्कूल चलाना पड़ेगा।
*उधार देने से कतरा रहे दुकानदार*
एमडीएम के लिए चावल के अलावा दाल, तेल, मसाला, हरी सब्जी, गैस सिलेंडर आदि की खरीदारी करनी पड़ती है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 115 दिनों तक बच्चों को भोजन परोसा जा चुका है, लेकिन विभाग ने जून माह में सिर्फ 4 दिन की राशि भेजी है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
शुरुआत में स्कूल प्रबंधन जान-पहचान के किराना दुकानदारों से उधार लेकर काम चला रहे थे, लेकिन बकाया बढ़ने के कारण अब दुकानदार भी उधार देने से आनाकानी करने लगे हैं। इससे समिति के अध्यक्ष और संयोजिका काफी परेशान हैं।
*सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अनदेखी*
सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी हाल में स्कूलों में एमडीएम बंद नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद 5 महीने से अधिक समय से राशि नहीं भेजी गई है और विभाग मौन है। शिक्षकों का कहना है कि वे कोर्ट के निर्देश का पालन कर किसी तरह योजना चला रहे हैं, लेकिन विभाग उदासीन बना हुआ है।
*क्या कहते हैं एमडीएम प्रभारी*
इस संबंध में प्रखंड संसाधन केंद्र पालोजोरी के एमडीएम प्रभारी अकिल परवेज ने बताया कि राशि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है और कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर राशि अंतरित कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पालोजोरी के सभी 244 एमडीएम आच्छादित स्कूलों में फिलहाल भोजन बन रहा है और कहीं से बंद होने की सूचना नहीं है।







