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झारखंड राज्यसभा चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग, राष्ट्रपति सचिवालय ने चुनाव आयोग को भेजा आवेदन


झारखंड में जून 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की मांग को लेकर राष्ट्रपति महोदया को भेजा गया एक आवेदन राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित कर दिया गया है।
रामगढ़ सिविल कोर्ट के सरकारी अधिवक्ता संजीव कुमार अम्बष्ठ ने राष्ट्रपति को भेजे अपने आवेदन में कहा था कि झारखंड विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के अनुसार सत्तारूढ़ गठबंधन के पास दोनों राज्यसभा सीटें जीतने के लिए पर्याप्त विधायक हैं। इसके बावजूद एक अतिरिक्त उम्मीदवार के चुनाव मैदान में आने की चर्चाओं से राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग, वोट खरीद-फरोख्त, दबाव या अन्य अनैतिक गतिविधियों की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
उन्होंने अपने आवेदन में कहा कि अतीत में विभिन्न राज्यों के राज्यसभा चुनावों के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग और वोटों की खरीद-फरोख्त जैसे आरोप लगते रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास प्रभावित होता है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष निगरानी आवश्यक है।
आवेदन में निर्वाचन आयोग से वरिष्ठ और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पर निगरानी, खुले मतदान प्रणाली का कड़ाई से पालन, विधायकों पर किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन को रोकने तथा हॉर्स ट्रेडिंग संबंधी शिकायतों की तत्काल जांच कराने की मांग की गई है।
राष्ट्रपति सचिवालय की अवर सचिव लक्ष्मी महाराबूशनम् द्वारा जारी पत्र में इस आवेदन को भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त को उचित कार्रवाई और आवश्यक विचारार्थ भेजे जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही कहा गया है कि मामले में की गई कार्रवाई की सूचना सीधे याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराई जाएगी।
संजीव कुमार अम्बष्ठ ने आशा व्यक्त की है कि निर्वाचन आयोग झारखंड राज्यसभा चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास और मजबूत होगा।