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जुबिली कॉलेज में राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग और प्रभाव पर हुई चर्चा


भुरकुंडा। जुबिली कॉलेज में चल रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगलवार को समापन किया गया। समापन समारोह पर स्मारिका विमोचन और तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया। तकनीकी सत्र में बतौर मुख्य अतिथि  डॉ तारा शंकर पाल, विशिष्ट अतिथि डॉ उदय कुमार, डॉ अंजलि पाल, टाटा वेस्ट बोकारो कोलियरी के प्रबंधक व बैंक ऑफ इंडिया शाखा भुरकुंडा की सुषमा कुमारी शामिल हुए। दूसरे दिन संगोष्ठी के प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ अंजलि पाल और सह-अध्यक्षता डॉ उदय कुमार ने किया। सत्र में डॉ एसबी सिन्हा, डॉ साभन्य, किसलय कुमार और केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ जेपी लाल ने ऑनलाइन माध्यम से सत्र को संबोधित किया। तकनीकी सत्र के दूसरे भाग में डॉ अंजलि पाल, डॉ उदय कुमार, एनके मल्लिक, डॉ यूआर सेन, प्रो उत्तम कुमार और डॉ श्वेता सिंह ने सत्र को संबोधित किया। इन सत्रों में सभी वक्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न उपयोगों और इसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से व्याख्यान दिया। साथ ही टाटा स्टील वेस्ट बोकारो मैनेजर ने अपनी कोयला खदानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से कोयला उत्पादन और सम्प्रेषण में इसके उपयोग की जानकारी दी। बैंक ऑफ इंडिया की अधिकारी सुषमा कुमारी ने बैंकिंग क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता और इसके दुष्प्रभावों से ग्राहकों को सचेत किया। इस विशेष सत्र का मंच संचालन डॉ एसपी पांडेय ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो राजेश कुमार ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एन आईटी जमशेदपुर के शोधछात्र कपिल देव महतो ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संबंध में विशेष जानकारी दी। राष्ट्रीय संगोष्ठी को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बालकृष्ण, निदेशक डॉ शंभु प्रसाद, डॉ महेन्द्र पांडेय, डॉ देव प्रकाश प्रसाद, प्रो राजेश कुमार, डॉ एसपी पांडेय, डॉ ए के मिश्रा, डॉ बालमुकुंद, डॉ बी रविदासी, डॉ एसएस पांडेय, डॉ एसपी दांगी, डॉ गोपाल विश्वकर्मा, प्रो टीके झा, प्रो आलोक कुमार, डॉ अरूण कुमार सिंह, डॉ मनोज कुमार, प्रो मनोज प्रसाद, सुरेश सिंह, अनूप कुमार महतो, सोमनाथ कृष्णा, दीपक, गायत्री, अमन, महावीर, राम प्रवेश, शनि, रामेश्वर, सुप्रिया, संध्या, सुशील, करन सहित कई छात्र-छात्राओं का योगदान रहा।