यूपीआई लेन-देन पर शुल्क के प्रस्ताव का रामगढ़ चैंबर ने किया विरोध
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
रामगढ़। रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे व्यापारियों, छोटे व्यवसायियों एवं आम उपभोक्ताओं के हित में पुनर्विचार योग्य बताया है। चैंबर ने सरकार एवं संबंधित संस्थाओं से यूपीआई भुगतान को शुल्क-मुक्त रखने की मांग की है।
डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त बोझ से व्यापारी और उपभोक्ता दोनों होंगे प्रभावित : मंजीत
चैंबर अध्यक्ष मंजीत साहनी ने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और व्यापक बनाया है। छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों, फुटकर व्यवसायियों और आम ग्राहकों के लिए यूपीआई भुगतान दैनिक कारोबार का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेन-देन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।वही, चैंबर के मानद सचिव मनोज चतुर्वेदी (मानु) ने कहा कि सरकार के डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों से देश में कैशलेस और पारदर्शी लेन-देन को मजबूती मिली है। ऐसे समय में यूपीआई पर शुल्क लगाने से विशेषकर छोटे और मध्यम व्यापारियों की लेन-देन लागत बढ़ने की आशंका है।
यूपीआई लेन-देन को शुल्क-मुक्त रखा जाए
उन्होंने सरकार एवं संबंधित संस्थाओं से आग्रह किया कि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूपीआई लेन-देन को शुल्क-मुक्त रखा जाए। रामगढ़ चैंबर ने कहा कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें व्यापारी और ग्राहक दोनों बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक भार के यूपीआई का उपयोग कर सकें। चैंबर ने इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श की भी मांग की है।



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