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झारखंड में डिजिटल शिक्षा का बड़ा नेटवर्क, e-VidyaVahini से 24 जिलों के 262 ब्लॉक जुड़े


रांची। झारखंड में स्कूल शिक्षा की निगरानी और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को डिजिटल माध्यम से ट्रैक करने के लिए e-VidyaVahini प्लेटफॉर्म का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य के शिक्षा विभाग के इस एकीकृत ICT प्लेटफॉर्म के जरिए स्कूलों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ा डेटा डिजिटल रूप में दर्ज और मॉनिटर किया जाता है।

24 जिलों और 262 ब्लॉकों तक पहुंच

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार e-VidyaVahini का नेटवर्क झारखंड के 24 जिलों और 262 ब्लॉकों तक फैला हुआ है। पोर्टल पर करीब 70 लाख विद्यार्थियों और 1.8 लाख शिक्षकों वाले व्यापक शिक्षा नेटवर्क का उल्लेख है। मौजूदा डैशबोर्ड में 2025-26 के लिए 74,57,468 विद्यार्थियों का पंजीकरण दर्ज है।

इससे राज्य सरकार को अलग-अलग जिलों और प्रखंडों से शिक्षा संबंधी सूचनाएं एक डिजिटल सिस्टम में देखने और उनका विश्लेषण करने का आधार मिलता है।

स्कूलों की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम

e-VidyaVahini केवल विद्यार्थियों की जानकारी रखने वाला पोर्टल नहीं है। इसके जरिए स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन, शिक्षकों की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और सीखने के परिणामों से जुड़ा डेटा भी जुटाया जाता है।

प्लेटफॉर्म में मोबाइल एप और वेब पोर्टल दोनों शामिल हैं। अधिकारी विभिन्न स्तरों पर सर्वे और निरीक्षण से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिसके आधार पर डैशबोर्ड तैयार किए जाते हैं।

विद्यार्थियों की उपस्थिति भी डिजिटल तरीके से दर्ज

पोर्टल में विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा मौजूद है। आधिकारिक विवरण के अनुसार इसमें GPS ट्रैकिंग और टाइम-स्टैम्प जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे उपस्थिति की निगरानी और अलग-अलग स्तरों पर उसका विश्लेषण संभव होता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल हाजिरी दर्ज करना नहीं, बल्कि स्कूल स्तर पर उपस्थिति के पैटर्न को समझना और जरूरत के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई के लिए डेटा उपलब्ध कराना भी है।

पढ़ाई के स्तर की भी निगरानी

e-VidyaVahini में Learning Tracking Format यानी LTF और Spot Test जैसे मॉड्यूल शामिल हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और विषयवार प्रगति का आकलन करने की व्यवस्था की गई है।

प्लेटफॉर्म के अनुसार अधिकारियों द्वारा स्कूल निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का स्पॉट असेसमेंट भी किया जा सकता है। इससे केवल स्कूल में बच्चों की मौजूदगी ही नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक शैक्षणिक प्रगति को भी डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर भी नजर

डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्कूलों में कक्षाओं, शौचालय, पेयजल, बिजली, इंटरनेट, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जा सकती है।

यदि किसी स्कूल में मरम्मत या आधारभूत सुविधा से संबंधित कमी सामने आती है, तो उपलब्ध डेटा प्रशासनिक स्तर पर उस समस्या की पहचान करने में मदद कर सकता है। आधिकारिक पोर्टल इसे शिक्षा सेवा वितरण और संसाधन प्रबंधन की निगरानी से जोड़ता है।

मिड-डे मील की निगरानी भी डिजिटल

e-VidyaVahini में Mid-Day Meal Management से संबंधित मॉड्यूल भी मौजूद है। इसके माध्यम से भोजन वितरण, निर्धारित मेन्यू और संबंधित गतिविधियों की निगरानी की व्यवस्था बताई गई है।

पोर्टल के अनुसार भोजन तैयार होने और परोसे जाने की स्थिति से संबंधित तस्वीरें भी अपलोड की जा सकती हैं, जिससे स्कूलों में योजना के क्रियान्वयन की निगरानी में मदद मिलती है।

डेटा के आधार पर फैसले लेने की कोशिश

e-VidyaVahini का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शिक्षा विभाग को अलग-अलग स्तरों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण उपलब्ध कराना है। जिला, प्रखंड और स्कूल स्तर पर डेटा देखने के लिए डैशबोर्ड की सुविधा दी गई है।

आधिकारिक विवरण के मुताबिक इसका इस्तेमाल स्कूलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में मौजूद कमियों की पहचान करने तथा संसाधनों की जरूरत तय करने में किया जा सकता है।

विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन सेवाएं

पोर्टल पर छात्र नामांकन, छात्र जानकारी और प्रगति से जुड़े डिजिटल मॉड्यूल भी उपलब्ध हैं। नए विद्यार्थियों के नामांकन और मौजूदा रिकॉर्ड में आवश्यक बदलाव की सुविधा दी गई है।

इसके अलावा छात्र स्कोरकार्ड और शैक्षणिक प्रगति से संबंधित डिजिटल सेवाएं भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव

झारखंड शिक्षा विभाग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर e-VidyaVahini को Integrated MIS Platform के रूप में भी सूचीबद्ध करता है। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था फील्ड स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को बेहतर बनाने वाली पहलों में शामिल है।

इस तरह e-VidyaVahini का इस्तेमाल केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य स्कूल प्रशासन, विद्यार्थी डेटा, शिक्षक प्रबंधन, सीखने के परिणाम और बुनियादी सुविधाओं को एक ही डिजिटल ढांचे में जोड़ना है।

निष्कर्ष

झारखंड में e-VidyaVahini ने स्कूल शिक्षा की निगरानी के लिए एक बड़ा डिजिटल नेटवर्क तैयार किया है। 24 जिले, 262 ब्लॉक और 2025-26 में 74,57,468 पंजीकृत विद्यार्थी इसके मौजूदा पैमाने को दर्शाते हैं। आगे इस प्लेटफॉर्म की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि डिजिटल डेटा का इस्तेमाल स्कूलों की वास्तविक समस्याओं और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार के लिए कितनी प्रभावी तरीके से किया जाता है।

कॉपीराइट नोट: यह समाचार आधिकारिक e-VidyaVahini और झारखंड शिक्षा विभाग की उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्वतंत्र शब्दों और नए वाक्य-विन्यास में तैयार किया गया है। इसे किसी स्रोत की लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स के अधिकार अलग से जांचना आवश्यक है।