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जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए लातेहार और रांची में निःशुल्क जांच शिविर, इलाज की भी मिलेगी सुविधा


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*प्रेस विज्ञप्ति*
*दिनांक:- 28.10.2026*
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*राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड*
*राज्य आई.ई.सी. कोषांग*
*आर.सी.एच. कैम्पस, नामकुम, राँची।*
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*. जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के लिए लातेहार और रांची में लग रहा है निःशुल्क जांच शिविर।*
*. हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है:- डाॅ0 इरफान अंसारी*
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जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लातेहार और रांची में निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। लातेहार में दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक टाउन हॉल, पुलिस लाइन के नजदीक शिविर का आयोजन किया जा रहा है, वहीं रांची में दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक रिम्स ऑडिटोरियम में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
 आई.ई.सी. के राज्य नोडल पदाधिकारी डाॅ0 राहुल किशोर सिंह ने बताया कि शिविर में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ मिलेगा। इस शिविर में विशेष रूप से हृदय में छेद जैसी जन्मजात समस्याओं, जिनमें ’एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट, वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट तथा पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस शामिल हैं, से पीड़ित बच्चों की जांच एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने राज्य के सभी अभिभावकों एवं गणमान्य जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक उपलब्ध कराएं। उन्होने बताया कि पंजीकरण एवं अधिक जानकारी के लिए आरबीएसके के राज्य समन्वयक श्री मुकेश कुमार मोबाईल नं0 6205524109 एवं आदित्य कुमार मोबाइल नंबर 6287972253 से संपर्क कर सकते हैं। जिला स्तर पर इस विशेष स्वास्थ्य शिविर का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित जिलों के सिविल सर्जन कार्यालय, नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र अथवा स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 104 से भी संपर्क किया जा सकता है।   
इसी वर्ष जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 300 से अधिक बच्चों को अमृता अस्पताल, कोच्चि एवं सत्य साई अस्पताल, अहमदाबाद भेजकर निःशुल्क सफल सर्जरी कराई गई थी। 
स्वास्थ्य मंत्री डाॅ0 इरफान अंसारी नें कहा कि जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित झारखंड के मासूम बच्चों के इलाज में पैसा अब बाधा नहीं बनेगा। सरकार ऐसे बच्चों के जांच, उपचार एवं अभिभावकों के आने-जाने रहने खाने सभी का इंतजाम करती है। अभी हाल ही में मैने हटिया स्टेशन पर जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को रवाना करते समय महसूस किया कि कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा था कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है।
 स्वास्थ्य मंत्री ने अपील की है कि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन सुनिश्चित करेगी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है।”
निःशुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं
- हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण
- ऑपरेशन की पूरी सुविधा
- आवश्यक दवाएं
- अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा
- बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा
- कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था
- ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी

यह पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अमृता अस्पताल के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, ऑपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।