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रांची में हाईवे किनारे खड़े भारी वाहन बढ़ा रहे हादसों का खतरा


रांची। राजधानी रांची और आसपास के राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर सड़क सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। ट्रक, कंटेनर और अन्य मालवाहक वाहन कई स्थानों पर हाईवे के किनारे या सड़क के बेहद करीब खड़े दिखाई दे रहे हैं। रात के समय कम दृश्यता के कारण ऐसी स्थिति छोटे वाहनों और तेज रफ्तार यातायात के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रही है।

एनएच-33 पर कई जगह परेशानी

रांची-टाटा मार्ग यानी एनएच-33 के कुछ हिस्सों में ट्रकों के कतारबद्ध खड़े होने की समस्या सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार तमाड़, बुंडू फ्लाईओवर और तैमारा घाटी जैसे क्षेत्रों में चालक कई बार आराम करने या वाहन की खराबी के कारण भारी वाहनों को सड़क के किनारे छोड़ देते हैं।

विशेष रूप से बुंडू फ्लाईओवर पर सड़क के किनारे खड़े वाहनों के कारण गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। रिपोर्ट में 29 अगस्त को इसी क्षेत्र में खड़े ट्रक से पिकअप वैन की टक्कर में दो लोगों की मौत का भी उल्लेख किया गया है।

रात में बढ़ जाता है खतरा

हाईवे पर खड़े वाहन दिन में अपेक्षाकृत आसानी से दिखाई दे सकते हैं, लेकिन रात में स्थिति बदल जाती है। यदि किसी खराब या पार्क किए गए ट्रक के पीछे पर्याप्त रिफ्लेक्टर, हैजार्ड लाइट या चेतावनी संकेत नहीं हों, तो पीछे से आने वाले वाहन चालक को उसका अंदाजा देर से लग सकता है।

बारिश या खराब मौसम में जोखिम और बढ़ सकता है, क्योंकि सड़क पर दृश्यता कम होने के साथ वाहन चालकों को ब्रेक लगाने के लिए भी कम समय मिलता है।

रांची-गुमला मार्ग पर भी चिंता

रांची-गुमला फोरलेन और कुछ राज्य राजमार्गों पर भी लंबे समय तक खराब वाहनों के सड़क किनारे खड़े रहने की समस्या सामने आई है। कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के आसपास रात में भारी वाहन खड़े किए जाने की बात रिपोर्ट में सामने आई है।

हालांकि, किसी विशेष स्थान पर खड़े वाहन से हादसा हुआ है या नहीं, यह अलग-अलग मामलों में जांच का विषय है। इसलिए हर पार्क किए गए वाहन को किसी दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण मानना उचित नहीं होगा।

पतरातू-रांची मार्ग पर भी समस्या

पतरातू-रांची मुख्य मार्ग पर हनुमानगढ़ी मोड़ के पास भी भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार सड़क के दोनों ओर सामग्री लदे ट्रकों के खड़े रहने से मोड़ पर सामने से आने वाले छोटे वाहन दिखाई देने में परेशानी होती है। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारी वाहनों के लिए पार्किंग यार्ड उपलब्ध होने के बावजूद कुछ वाहन मुख्य सड़क के किनारे खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने ऐसे वाहनों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्र में रखने की मांग की है।

केवल पार्किंग ही नहीं, चेतावनी व्यवस्था भी जरूरी

सड़क सुरक्षा के लिहाज से केवल वाहन हटाना ही पर्याप्त नहीं है। खराब वाहन को यदि किसी कारण से तत्काल सड़क से हटाना संभव नहीं हो, तो उसके पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव मार्किंग और लाइट की व्यवस्था जरूरी होती है।

इसके साथ दुर्घटना संभावित मोड़ों, कटिंग और फ्लाईओवर के आसपास स्पष्ट संकेतक और बैरिकेडिंग भी महत्वपूर्ण हैं। रांची के स्वच्छ वायु कार्ययोजना दस्तावेज में भी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर ट्रक रेस्ट एरिया/पार्क विकसित करने तथा गैर-निर्धारित स्थानों पर वाहनों की पार्किंग रोकने जैसे उपायों का उल्लेख किया गया है।

प्रशासन और एजेंसियों की जिम्मेदारी

हाईवे पर अनधिकृत पार्किंग को नियंत्रित करने के लिए संबंधित सड़क एजेंसियों, परिवहन विभाग और पुलिस की निगरानी महत्वपूर्ण है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, पार्क किए गए वाहनों की जांच और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान पर हटाने की व्यवस्था की जा सकती है।

सड़क किनारे भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग या रेस्ट एरिया उपलब्ध कराना भी समस्या के समाधान का एक हिस्सा है। इससे चालक आराम के लिए मुख्य सड़क का इस्तेमाल करने से बच सकते हैं।

बड़े वाहनों की सुरक्षा तकनीक पर भी जोर

केंद्र सरकार ने भारी वाणिज्यिक वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई तकनीकी उपाय निर्धारित किए हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड-स्पॉट सूचना प्रणाली और ड्राइवर ड्रोसिनेस डिटेक्शन जैसी तकनीकों के लिए भविष्य की समयसीमाएं तय की गई हैं।

हालांकि, ये तकनीकें वाहन की सक्रिय सुरक्षा से जुड़ी हैं। सड़क किनारे गलत तरीके से पार्क किए गए वाहन की समस्या के लिए अलग से प्रभावी निगरानी और पार्किंग व्यवस्था जरूरी रहती है।

क्या किए जा सकते हैं प्रभावी उपाय?

रांची के हाईवे पर दुर्घटना का जोखिम कम करने के लिए कुछ प्रमुख कदम अहम हो सकते हैं—

  • सड़क किनारे अनधिकृत भारी वाहन पार्किंग पर नियमित कार्रवाई।

  • खराब वाहनों को जल्द से जल्द मुख्य सड़क से हटाना।

  • सभी रुके हुए भारी वाहनों में रिफ्लेक्टर और चेतावनी लाइट सुनिश्चित करना।

  • फ्लाईओवर, मोड़ और ब्लैक स्पॉट के आसपास अतिरिक्त चेतावनी बोर्ड लगाना।

  • ट्रक चालकों के लिए पर्याप्त रेस्ट एरिया और पार्किंग स्थल उपलब्ध कराना।

  • रात में दुर्घटना संभावित स्थानों पर पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाना।

निष्कर्ष

रांची और आसपास के हाईवे पर भारी वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग का मुद्दा सीधे सड़क सुरक्षा से जुड़ा है। खासकर रात, बारिश और कम दृश्यता के दौरान खड़े ट्रक दूसरे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसे में निर्धारित पार्किंग, चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और नियमित निगरानी—इन सभी उपायों को साथ लेकर चलना जरूरी है।

कॉपीराइट नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों के तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र शब्दों और नए वाक्य-विन्यास में तैयार की गई है। इसे किसी प्रकाशित समाचार की लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। तस्वीर, वीडियो और ग्राफिक्स के अधिकार अलग से जांचे जाने चाहिए।