झारखंड में राष्ट्र स्तरीय वन मेला आयोजित करेगा झारखंड वन विभाग
आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड श्री संजीव कुमार के सभागार में वन मेला के सफल आयोजन के लिए राजभर के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें वन मेला से संबंधित कार्यक्रम की रूपरेखा जिम्मेदारियां का निर्वहन, निर्धारण ,प्रचार प्रसार एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विचार विमर्श किया गया।
इस वन मेला के आयोजन से झारखंड के लघु वन पदार्थों के क्रेता तथा विक्रेता को एक मंच मिल सकेगा जिससे लघु वन पदार्थों पर आधारित उद्योगों से संबंधित उद्योगों को झारखंड में आकृष्ट किया जा सकेगा। इस मेले का उद्देश्य बाहर से उद्योग स्टार्टअप को झारखंड में आकर्षित करना है ताकि लघु वन पदार्थ के संग्राहक को उचित फोरम मिल सके। इस मेले के माध्यम से सभी स्टार्टअप वालों को बैंकरों को तथा सी एस आर कंपनियों को, राष्ट्रीय मेडिसिनल प्लांट बोर्ड को एक मंच पर लाकर स्टेकहोल्डरो जो जमीनी स्तर से जोड़कर कार्य कर रहे हैं उनको झारखंड के लघु वन पदार्थ से जोड़ना है ।
यह मेला सितंबर अक्टूबर माह में आयोजित की जाएगी । इस मेले का थीम वन आधारित उत्पादों, ट्राइबल हैंडीक्राफ्ट, वन अर्थव्यवस्था के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाना होगा।
वन विभाग द्वारा यह मेला आजीविका संवर्धन ,जन जागरूकता तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होगा। इस वन मेला के आयोजन से आमजन एवं हित धारक को एक ही स्थान पर लघु वन उपज,औषधीय पौधों, हर्बल उत्पादों, प्राकृतिक वैलनेस तथा हरित उद्योगों, लघु वन पदार्थ जैसे महुआ, करंज, साल बीज, मधु, बांस, तुलसी, आंवला, इमली अवलोकन अनुभव एवं क्रय विक्रय करने का मंच प्रदान करेगा।इस मेले का मुख्य उद्देश्य झारखंड के वनवासियों, आदिवासियों ,ग्रामीण लोगों को वन उत्पादन से आजीविका संवर्धन का प्रयास है।
राष्ट्र वन मेला के सफल आयोजन हेतु आयोजित इस बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड श्री संजीव कुमार , अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास डी वेंकटेश्वर लू, मुख्य वन संरक्षक एस आर नटेश, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक जमशेदपुर स्मिता पंकज, सभी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक,वन संरक्षक प्रशासन श्री पी आर नायडू , वन उत्पादकता संस्थान लालगुटवा रांची के डॉ योगेश्वर मिश्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के इंजीनियर एस के पांडेय, केंद्रीय तसर अनुसंधान संस्थान रांची के वैज्ञानिक डॉ अंकित कुमार सिंह, कमलेश वर्मा, अचिंत्य प्रमाणिक सीनियर साइंटिस्ट आईसीएआर,सिद्कोफेड के सीनियर कंसल्टेंट निराली बाखला, रंजीत गुप्ता, तथा झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों के उच्च पदाधिकारी ने भाग लिया तथा अपने सुझाव एवं विचार प्रकट किया।





