BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

झारखंड के कारोबारी की हत्या में बड़ा खुलासा, कोलकाता पुलिस का ट्रैफिक सार्जेंट और महिला सिविक वॉलंटियर गिरफ्तार


झारखंड में एक कारोबारी की हत्या की जांच ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में झारखंड पुलिस ने कोलकाता पुलिस के एक ट्रैफिक सार्जेंट और एक महिला सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने हत्या की साजिश से जुड़े लोगों को कथित तौर पर कारोबारी की गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद की।मामला निखार सबलोक की हत्या से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 को चांडिल थाना क्षेत्र में एक होटल के बाहर निखार सबलोक को गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल कारोबारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कैसे सामने आई पुलिसकर्मियों की भूमिका?

हत्या की जांच आगे बढ़ने के बाद झारखंड पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान जांचकर्ताओं को कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट अयन गुप्ता और सिविक वॉलंटियर ट्विंकल दास से जुड़े सुर मिले।

अयन गुप्ता कोलकाता पुलिस के बेलेघाटा ट्रैफिक गार्ड में तैनात थे, जबकि ट्विंकल दास भी इसी ट्रैफिक गार्ड से जुड़ी सिविक वॉलंटियर थीं। झारखंड पुलिस के अनुसार, हत्या के मुख्य संदिग्धों में शामिल एक व्यक्ति के दोनों से लगातार संपर्क होने की जानकारी सामने आई।

मोबाइल लोकेशन की जानकारी देने का आरोप

जांच में सामने आए एक महत्वपूर्ण आरोप के मुताबिक, अयन गुप्ता ने कथित तौर पर कारोबारी के मोबाइल फोन की सेल-टावर लोकेशन और कॉल से जुड़ी जानकारी हासिल करके इसे हत्या के मामले में संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचाया।

रिपोर्टों के अनुसार, यह जानकारी ट्विंकल दास के अनुरोध पर उपलब्ध कराए जाने का आरोप है और बाद में इसे कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि एक ट्रैफिक सार्जेंट को इस तरह की जानकारी हासिल करने या उपलब्ध कराने का अधिकार नहीं था। इसी वजह से कोलकाता पुलिस ने भी मामले में आंतरिक जांच शुरू की है।

हत्या की साजिश में ₹15 लाख की सुपारी का शक

जांच एजेंसियों को संदेह है कि निखार सबलोक की हत्या सुपारी किलिंग हो सकती है। पुलिस सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में करीब ₹15 लाख की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। हत्या के पीछे कथित तौर पर जमीन या कारोबारी विवाद की दिशा में भी जांच की जा रही है। हालांकि, हत्या की अंतिम वजह और पूरी साजिश की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

आठ लोगों तक पहुंची गिरफ्तारियों की संख्या

अयन गुप्ता और ट्विंकल दास की गिरफ्तारी से इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ तक पहुंच गई थी। इससे पहले पुलिस अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इनमें हत्या को अंजाम देने वाले कथित शूटर भी शामिल हैं।

कोलकाता पुलिस ने शुरू की आंतरिक जांच

मामले में अपने ही विभाग के कर्मचारी का नाम सामने आने के बाद कोलकाता पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने यह पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं कि अयन गुप्ता ने कथित तौर पर मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड जैसी जानकारी तक कैसे पहुंच बनाई और क्या किसी अन्य पुलिसकर्मी की भी इसमें भूमिका थी।

इसके अलावा, सिविक वॉलंटियर्स की भूमिका को लेकर भी पुलिस और राज्य प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिविक वॉलंटियर्स के पुलिस सत्यापन, योग्यता और पिछले रिकॉर्ड की समीक्षा की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?

झारखंड पुलिस की विशेष जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—

  • कारोबारी की गतिविधियों की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची?

  • मोबाइल टावर लोकेशन किस तरह हासिल की गई?

  • अयन गुप्ता और ट्विंकल दास का मुख्य संदिग्धों से कितना संपर्क था?

  • हत्या के पीछे जमीन या कारोबारी विवाद की क्या भूमिका थी?

  • कथित सुपारी की रकम और उसके भुगतान से जुड़े लोग कौन थे?

  • क्या इस साजिश में और लोग शामिल थे?

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिसकर्मियों और महिला सिविक वॉलंटियर पर लगे आरोप जांच का विषय हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन आरोपी ही माना जाएगा।