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विश्व ओजोन दिवस पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक का झारखंड के लोगों से पर्यावरण एवं वनों के संरक्षण का आह्वान।


विश्व ओजोन दिवस 16 सितंबर के अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह वन बल प्रमुख, झारखंड श्री संजीव कुमार ने राज्यवासियों से ओजोन परत, वनों एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार पर्यावरणीय व्यवहार अपनाने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने वाली महत्वपूर्ण प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। इसके संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। घरों में एयर कंडीशनर एवं रेफ्रिजरेटर का उचित रखरखाव, पुराने कूलिंग उपकरणों का जिम्मेदार निस्तारण, ऊर्जा की अनावश्यक खपत में कमी, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता तथा कचरा जलाने से बचना जैसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

श्री कुमार ने कहा कि झारखंड के वन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि राज्य की पारिस्थितिक आधारभूत संरचना हैं, जो जैव विविधता, जल सुरक्षा, आजीविका और जलवायु सहनशीलता को मजबूत करते हैं। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम एवं नियंत्रण, क्षतिग्रस्त वनों और स्थानीय वनस्पतियों के पुनर्स्थापन, आर्द्रभूमि एवं घासभूमि के संरक्षण तथा वन-आश्रित समुदायों में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

उन्होंने राज्यवासियों से आह्वान किया कि “जो ओजोन परत हमारी रक्षा करती है, उसकी रक्षा करें; जो वन हमें जीवन देते हैं, उनका संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करें।”

उन्होंने कहा कि विश्व ओजोन दिवस केवल जागरूकता का अवसर नहीं, बल्कि जागरूकता को ठोस एवं मापनीय पर्यावरणीय कार्रवाई में बदलने का संकल्प लेने का दिन है।