झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने बिहार की राजधानी पटना में दो ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। NIA की यह कार्रवाई पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में की गई। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने दो फ्लैटों की तलाशी लेकर दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच की। रिपोर्टों के मुताबिक, 17 जून की रात करीब 12:30 बजे रांची के निवारणपुर इलाके में स्थित RSS के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर दो संदिग्ध पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने कार्यालय की ओर पेट्रोल बम फेंके और इसके बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती जांच में हमले में दो लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। हमले में किसी बड़े नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं थी। जांच आगे बढ़ने के बाद एजेंसी को कथित तौर पर ऐसे सुर मिले जिनका संबंध पटना में मौजूद कुछ लोगों और ठिकानों से बताया गया। इसी आधार पर NIA की टीम ने चित्रगुप्त नगर स्थित अपार्टमेंट में तलाशी अभियान चलाया। 9 सितंबर को की गई कार्रवाई से कुछ दिन पहले भी इसी परिसर में NIA की टीम पहुंची थी। उस समय संबंधित फ्लैट बंद मिले थे। बाद की कार्रवाई में दो फ्लैटों की तलाशी ली गई। स्थानीय पुलिस ने NIA की टीम को सुरक्षा और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। तलाशी के दौरान एक महिला के पास से करीब ₹20 लाख नकद मिलने की रिपोर्ट सामने आई है। इस नकदी की जानकारी आयकर विभाग को भी दिए जाने की बात अधिकारियों के हवाले से कही गई है। हालांकि, इस रकम का RSS कार्यालय पर हुए हमले से सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। केवल नकदी बरामद होने को हमले की साजिश से जोड़कर निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। रिपोर्टों के अनुसार, NIA ने मामले से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में संदीप गुप्ता का नाम सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, NIA ने उसे दिल्ली से हिरासत में लेकर पूछताछ और जांच में सहयोग के लिए पटना लाया। हालांकि, उसकी भूमिका और मामले में उसकी कथित संलिप्तता के बारे में जांच एजेंसी की अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, रांची पुलिस की कार्रवाई में इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक आरोपी को पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल होने की भी खबर है। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए NIA अलग-अलग स्थानों पर संभावित संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। NIA की जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि— RSS कार्यालय पर हमला करने की योजना किसने बनाई? हमले में शामिल लोगों की पहचान और आपसी संपर्क क्या थे? पेट्रोल बम तैयार करने और हमले को अंजाम देने में किस-किस की भूमिका थी? आरोपियों को आर्थिक या अन्य प्रकार की मदद किसने दी? पटना में मिले लोगों और ठिकानों का रांची हमले से क्या संबंध है? बरामद दस्तावेजों और नकदी का मामले से कोई संबंध है या नहीं? क्या हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश थी? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। रांची से शुरू हुई जांच का पटना तक पहुंचना इस मामले में नए संभावित कनेक्शनों की जांच का संकेत है। NIA की तलाशी और पूछताछ का उद्देश्य हमले से जुड़े सबूतों को इकट्ठा करना और कथित तौर पर जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करना है। हालांकि, जांच जारी है और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। किसी व्यक्ति को केवल पूछताछ, हिरासत या गिरफ्तारी के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता।17 जून की रात क्या हुआ था?
पटना क्यों पहुंची NIA?
करीब ₹20 लाख नकद मिलने की रिपोर्ट
संदिग्धों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच
अब तक कितने लोग गिरफ्तार?
जांच में किन पहलुओं पर फोकस?
जांच का दायरा बढ़ा
रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमला, अब पटना में NIA की छापेमारी






