छेका समारोह में जा रहे लोगों की गाड़ी हादसे का शिकार, तीन की मौत, एक दर्जन घायल
श्री बंशीधर नगर(गढ़वा)। श्री बंशीधर नगर-भवनाथपुर मुख्य मार्ग पर दहेड़िया के समीप रविवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। तेज रफ्तार मैजिक और टेंपो की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सात घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा रेफर किया गया है।
मृतकों में बंशीधर नगर निवासी मैजिक चालक उदय गुप्ता के 35 वर्षीय पुत्र इंद्रजीत गुप्ता, केतार थाना क्षेत्र के छाताकुंड गांव निवासी टेंपो चालक बेचू उरांव के 40 वर्षीय पुत्र अवधेश उरांव तथा मनबोध उरांव के 12 वर्षीय पुत्र अजय कुमार शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार केतार थाना क्षेत्र के छाताकुंड गांव से कई लोग टेंपो पर सवार होकर बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के कुंबा गांव में छेका समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान दहेड़िया के पास विपरीत दिशा से तेज गति से आ रही मैजिक ने टेंपो में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद घायलों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार आजाद, थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार, झामुमो जिला उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर पांडेय, भाजपा नेता कन्हैया चौबे एवं ओमप्रकाश गुप्ता मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजवाया।
गंभीर रूप से घायल बिट्टू सिंह, संतोष चेरो, अवधेश उरांव, लालमोहन यादव, मुनिका कुमार, कमलेश यादव एवं टिंकू उरांव को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। वहीं लवकुश कुमार, आमोद सिंह, दीपक कुमार, अंकुश कुमार, शिवकुमार उरांव सहित अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
बताया गया कि अजय कुमार और अवधेश उरांव की मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जबकि इंद्रजीत गुप्ता ने मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया।
शादी की खुशी मातम में बदली
केतार थाना क्षेत्र के छाताकुंड गांव निवासी कन्हाई उरांव के पुत्र विकास उरांव की शादी 14 मई को कुंबा गांव निवासी बालरूप उरांव की पुत्री से तय थी। रविवार को लड़का पक्ष के लोग छेका समारोह के लिए जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही हादसे का शिकार हो गए। इस घटना के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने दिखाई संवेदनशीलता
दुर्घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहत और बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार आजाद एवं थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने, इलाज कराने और गंभीर मरीजों को रेफर कराने में लगातार मदद की। अस्पताल में भी पुलिस अधिकारी देर तक मौजूद रहकर घायलों की स्थिति की जानकारी लेते रहे।





